ईरान ने इजराइल के खिलाफ बदला लेने की योजना का किया ऐलान
ईरान का कड़ा रुख
नई दिल्ली। ईरान ने इजराइल के खिलाफ अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए प्रतिशोध की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के 78वें चरण की शुरुआत की है।
बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर प्लांट के निकट बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इससे पहले, ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भी हमले की खबरें आई थीं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। ईरान ने अपग्रेडेड जोलफागर मिसाइलों का इस्तेमाल किया है और इजराइल के हाइफा में स्थित तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा संरचनाओं को निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने भी दुनिया में हलचल मचा दी है। कुछ रिपोर्टों में उनके द्वारा ईरान को 'नेस्तनाबूद' करने की धमकी का जिक्र है, जबकि अन्य में मजबूत बातचीत के संकेत दिए गए हैं। इस बीच, ईरान के सहयोगियों (हूतियों और हिजबुल्लाह) ने लाल सागर में अमेरिकी युद्धपोतों पर हमलों को तेज कर दिया है।
इस संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है, जहां चांदी की कीमत 2.5 लाख रुपये प्रति किलो और सोने की कीमत 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है। भारत में भी चांदी और सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। खाड़ी देशों में युद्ध के कारण तेल की आपूर्ति में रुकावट का खतरा है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 48 घंटों में युद्ध विराम नहीं हुआ, तो यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो सकती है।