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ईरान ने इजरायल के महत्वपूर्ण ठिकानों पर किया हमला

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है, जब ईरान ने इजरायल के महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। इस हमले के बाद इजरायल में एक सैनिक की शहादत की भी खबर आई है। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच संवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की है। जानें इस संकट के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

ईरान का जवाबी हमला


ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग


West Asia Crisis, तेहरान : अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान द्वारा शुरू किए गए युद्ध का एक महीना पूरा होने वाला है। इस दौरान ईरान ने इन दोनों देशों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने अभियान की 82वीं लहर के तहत इजरायल के महत्वपूर्ण सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है।


ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला सुबह के समय शुरू हुआ और इसमें बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। आईआरजीसी ने बताया कि हमले का लक्ष्य इजरायल का सैन्य कमांड कंट्रोल सेंटर और डेड सी के दक्षिण में स्थित परमाणु उद्योग से जुड़े ठिकाने थे। हालांकि, इजरायल ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। इस बीच, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।


दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिक की शहादत

इजरायली सेना ने जानकारी दी है कि दक्षिणी लेबनान में चल रहे अभियान के दौरान एक सैनिक शहीद हो गया है। सेना ने टेलीग्राम पर एक बयान में बताया कि गोलानी ब्रिगेड के 21 वर्षीय सैनिक ओरी ग्रीनबर्ग शहीद हो गए।


अमेरिका और ईरान के बीच संवाद

पाकिस्तान ने पुष्टि की है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने 15 सूत्रीय प्रस्ताव ईरान को भेजा है, जिस पर तेहरान विचार कर रहा है। इस पहल को तुर्की और मिस्र जैसे देशों का भी समर्थन मिल रहा है। डार ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका-ईरान शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए इस्लामाबाद को संभावित स्थल के रूप में पेश किया गया है।