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ईरान ने ट्रंप के सुरक्षा प्रस्ताव को किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सुरक्षा शुल्क का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 20 प्रतिशत टैक्स की बात कही गई है। ट्रंप का यह बयान ईरान पर हमले के बाद आया है, जबकि ईरान ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। ईरानी सेना ने कहा है कि वे किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेंगे। इस मुद्दे पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रहेगा। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

ट्रंप का सुरक्षा शुल्क प्रस्ताव


नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक विवादास्पद प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए 20 प्रतिशत शुल्क लेने की बात कही है। ट्रंप ने यह घोषणा ईरान पर हमले के पांच दिन बाद की, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा।


ट्रंप ने खुद को 'गार्डियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट' बताते हुए कहा कि इस सुरक्षा व्यवस्था के लिए व्यापारिक जहाजों पर 20 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के जहाजों और उनके ग्राहकों पर प्रतिबंध जारी रहेगा, जबकि अन्य देशों के जहाज बिना किसी रुकावट के गुजर सकेंगे।


अमेरिका ने ईरान पर एक और बड़ा हमला करने की योजना भी बनाई है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अंतरिम समझौते का उल्लंघन किया है, इसलिए अमेरिका अब उसे गंभीरता से निशाना बनाएगा। ट्रंप ने कहा, 'हमने ईरान के साथ कई समझौते किए हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा उनका उल्लंघन किया है। अब हम उन्हें कड़ा जवाब देंगे।'


इस बीच, ईरान ने ट्रंप के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा और प्रबंधन ईरान का अधिकार है और वह इसे सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार ने भी कहा कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।