ईरान ने ट्रंप को दी कड़ी चेतावनी, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की अपील
ईरान की सख्त चेतावनी
कहा, देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होगा
तेहरान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझते हुए ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उन्हें ईरान के आंतरिक मामलों से दूर रहना चाहिए। वर्तमान में, ईरान में आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि लाखों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें से कई हिंसक हो चुके हैं और कई लोगों की जानें जा चुकी हैं।
इन हालातों के बीच, ईरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करना चाहता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है। तेहरान ने ट्रंप की टिप्पणियों को लापरवाह और खतरनाक बताते हुए कहा है कि ईरान की संप्रभुता में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप सहन नहीं किया जाएगा।
ट्रंप के बयान पर तेहरान की प्रतिक्रिया
तेहरान ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ट्रंप को यह समझना चाहिए कि किसी भी देश में सार्वजनिक संपत्ति पर हमले अस्वीकार्य होते हैं। ईरान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा उत्पन्न कर सकता है। ईरानी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि ट्रंप का बयान उन शक्तियों से प्रभावित हो सकता है, जो कूटनीति से डरती हैं। ईरान ने यह भी कहा कि उसका इतिहास इस बात का गवाह है कि देश के लोग हमेशा बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करते आए हैं।
ईरान की सशस्त्र सेनाएं सतर्क
बयान में यह भी कहा गया कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह से सतर्क हैं और किसी भी प्रकार के संप्रभुता उल्लंघन पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं। ईरान सरकार का कहना है कि हाल के विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार हैं और अधिकांश शांतिपूर्ण रहे हैं। हालांकि, कुछ स्थानों पर हिंसक घटनाएं भी हुई हैं, जैसे कि पुलिस थाने पर हमले और सुरक्षाबलों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंकने की घटनाएं। सरकार ने इन घटनाओं को आपराधिक कृत्य बताया है।