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ईरान ने दारखोविन परमाणु संयंत्र पर अमेरिका के हमले की निंदा की

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अमेरिका के हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बनाया जा रहा था। अमेरिका द्वारा किए गए इस हमले को ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। जानें इस हमले के पीछे की पूरी कहानी और ईरान की प्रतिक्रिया।
 

ईरान का कड़ा विरोध

तेहरान: ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने दारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए विकसित किया जा रहा था।


हमले का विवरण

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहला अवसर है जब अमेरिका ने किसी परमाणु ऊर्जा संयंत्र को सीधे निशाना बनाया। हालाँकि, यह संयंत्र अभी निर्माणाधीन था, इसलिए वहाँ कोई परमाणु सामग्री नहीं थी, जिससे विकिरण या रेडियोधर्मी रिसाव की संभावना नहीं थी।


परियोजना का महत्व

यह परियोजना ईरान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसका निर्माण 2022 में शुरू हुआ था और इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


अमेरिका के अन्य हमले

पिछले सप्ताह अमेरिका ने बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों पर भी हमले किए थे। संघर्ष के पहले 38 दिनों में, अमेरिका ने ईरान के कई परमाणु रिएक्टरों और अनुसंधान केंद्रों को भी निशाना बनाया।


पहला प्रत्यक्ष हमला

वर्ष 2026 में किसी परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर यह पहला प्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है। इससे पहले, जून 2025 में अमेरिका ने नतांज, फोर्दो और इस्फहान स्थित ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमले किए थे।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने रविवार को कहा कि अमेरिकी सेना ने उनके एक बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाया। दारखोविन न्यूक्लियर पावर प्लांट पर कई प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिनमें मिसाइलें और रॉकेट शामिल थे। ईरान की परमाणु एजेंसी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।


जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

इस बीच, ईरान ने कहा है कि अमेरिका के खिलाफ उसकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, जब तक अमेरिका के हवाई हमले जारी रहेंगे, तब तक ईरान भी उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा। यह उनकी सुरक्षा नीति का हिस्सा है।


हमले का आकलन

ईरान के दक्षिणी शहर बुशहर में कई स्थानों पर हमले हुए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, गवर्नर ने बताया कि हमलों का दायरा और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।