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ईरान ने नए सुप्रीम लीडर का गुप्त चयन किया, इजरायल और अमेरिका की चिंता बढ़ी

ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर का गुप्त चयन कर लिया है, जिससे इजरायल और अमेरिका में चिंता का माहौल है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने एक योग्य व्यक्ति का नाम मंजूर किया है, लेकिन इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। इजरायल ने चेतावनी दी है कि नए लीडर और चयन प्रक्रिया में शामिल सदस्यों को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुजतबा खामेनेई को स्वीकार नहीं करने की बात कही है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 

ईरान में नए लीडर का चयन

तेहरान: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच, ईरान से एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर आई है। अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद नए सुप्रीम लीडर के नाम पर मुहर लग गई है, और अब केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अगले नेता का चयन करने वाली शीर्ष संस्था 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है और नए लीडर का नाम गुप्त रखा गया है। इस खबर के सामने आते ही इजरायल और अमेरिका सतर्क हो गए हैं।


असेंबली का निर्णय और नाम की गोपनीयता

असेंबली ने बहुमत से किया चयन

असेंबली के सदस्य मोहसिन हेदरी ने खुलासा किया है कि संस्था ने भारी बहुमत से योग्य व्यक्ति के नाम को मंजूरी दी है। हालांकि, सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों से इस नाम को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। असेंबली के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी ने भी इस निर्णय की पुष्टि की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान को नया नेता मिल चुका है।


इजरायल की चेतावनी

IDF ने दी गंभीर चेतावनी

ईरान के इस कदम से इजरायल की प्रतिक्रिया तीव्र रही है। इजराइली सेना (IDF) ने चेतावनी दी है कि अयातुल्ला खामेनेई के उत्तराधिकारी को निशाना बनाया जाएगा। इसके साथ ही, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्यों को भी IDF की हिट लिस्ट में रखा गया है।


संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा

मुजतबा खामेनेई का नाम सबसे आगे

नए सुप्रीम लीडर के संभावित उम्मीदवारों में खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। लेकिन अमेरिका ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका मुजतबा को नए लीडर के रूप में स्वीकार नहीं करेगा। ट्रंप के इस बयान और इजरायल की चेतावनी के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है।