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ईरान ने भारत के जहाजों को होरमुज की खाड़ी से गुजरने की अनुमति दी

ईरान ने भारत के तेल टैंकरों और कार्गो जहाजों को होरमुज की खाड़ी से गुजरने की अनुमति दी है, यह बताते हुए कि भारत उसका मित्र है। इस बीच, ओमान में एक ड्रोन हमले में दो भारतीय कामगारों की मौत हो गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत की है, जिसमें क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा की गई। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में और क्या है आगे की स्थिति।
 

ईरान का भारत के प्रति मित्रवत रुख

नई दिल्ली। ईरान ने भारत के तेल टैंकरों और अन्य कार्गो जहाजों को होरमुज की खाड़ी से सुरक्षित निकलने की अनुमति दे दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भारत उसके लिए एक मित्र है, इसलिए वह उसके जहाजों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की इजाजत दे रहा है। इसके साथ ही, तुर्की के जहाजों को भी इसी तरह की अनुमति दी गई है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने शुक्रवार को बताया कि उनका देश भारत को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए तत्पर है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मित्रता का संबंध रहा है।


भारत के जहाजों की आवाजाही की तैयारी

राजदूत फतहाली ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, 'हां, भारत हमारा दोस्त है। आप जल्द ही देखेंगे कि यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।' इसका मतलब है कि शुक्रवार से ही भारतीय जहाजों की आवाजाही होरमुज की खाड़ी से संभव हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और ईरान के बीच सहयोग और विश्वास का एक मजबूत रिश्ता है।


ओमान में भारतीय कामगारों की मौत

हालांकि, ईरान के हमले में ओमान में दो भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। ओमान के सोहर प्रांत में एक ड्रोन गिरने से यह हादसा हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया था, जिसके मलबे के गिरने से यह दुर्घटना हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हमले में 11 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 10 भारतीय शामिल हैं।


जयशंकर और अराघची के बीच बातचीत

जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से चौथी बार फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर है। जयशंकर ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है। दूसरी ओर, अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से ईरान पर हुए हमलों की निंदा करने की अपील की।