ईरान ने युद्ध समाप्ति का निर्णय खुद लेने की बात कही
ट्रंप के दावों का खंडन
ट्रंप के दावे को नकारा, युद्ध को लेकर रखी सख्त शर्तें
West Asia Crisis, तेहरान : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध का आज 27वां दिन है। 28 फरवरी को इन दोनों देशों ने अचानक ईरान पर बड़े हमले किए थे, जिसमें ईरान को भारी नुकसान हुआ। पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता समेत कई अन्य नेता और अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और अमेरिका तथा इजरायल को कड़ी चुनौती दी। इस स्थिति के चलते अमेरिका अब इस युद्ध में थकने लगा है।
ईरान का स्पष्ट जवाब
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान इस युद्ध में हार चुका है और वह समझौते के लिए तैयार है। लेकिन ईरान ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि युद्ध समाप्त करने का निर्णय केवल ईरान ही करेगा। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ट्रंप को इस मामले में समय तय करने का अधिकार नहीं देगा और युद्ध के नुकसान की भरपाई की मांग की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की गंभीर स्थिति
होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति गंभीर हो गई है, जहां लगभग 2,000 जहाज और 20,000 नाविक फंसे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रमुख ने कहा कि यह स्थिति वैश्विक शिपिंग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। लंबे समय तक फंसे रहने के कारण नाविकों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है। बीमा कंपनियां भी नुकसान का जोखिम उठाने से पीछे हट रही हैं, जिससे संकट और गहरा हो गया है।
भारत ने ईरानी एलपीजी खरीदी
इस संकट के बीच, भारत ने वर्षों बाद ईरान से एलपीजी की पहली खेप खरीदी है। यह कार्गो जल्द ही मंगलूरू पोर्ट पहुंचेगा और इसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम में बांटा जाएगा। भारत ने 2019 में प्रतिबंधों के कारण ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था, लेकिन वर्तमान संकट के चलते ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रंप का राजनीतिक विरोधियों पर हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि रेडिकल लेफ्ट और डेमोक्रेट्स ईरान में अमेरिका और इजरायल की सैन्य उपलब्धियों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि विरोधी देश में आंतरिक अशांति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने बड़ी जीत हासिल की है और जनता सच्चाई देख रही है।