ईरान ने समुद्री नियमों के उल्लंघन पर भारतीय नागरिकों के साथ विदेशी जहाजों को जब्त किया
ईरान का एक्शन: विदेशी जहाजों पर कार्रवाई
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गुजरने वाले जहाजों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में, दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद दो विदेशी जहाजों को भी जब्त किया गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इन जहाजों पर समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस बीच, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी भारतीय जहाज पर गोलीबारी नहीं हुई है। हालांकि, विदेशी झंडे वाले जहाजों पर 22 भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जो सभी सुरक्षित हैं.
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा, 'पिछले 24 घंटों में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं। लेकिन किसी भी भारतीय जहाज पर फायरिंग नहीं हुई है। हम इन जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। एक जहाज 'यूफोरिया' पर 21 भारतीय सवार हैं, जो सभी सुरक्षित हैं। वहीं, 'एपामिनोंडास' पर एक भारतीय नागरिक भी सुरक्षित है।'
आईआरजीसी द्वारा जहाजों की गिरफ्तारी
आईआरजीसी ने दोनों जहाजों पर समुद्री नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें जब्त किया। उनका कहना है कि इन जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम में हेरफेर किया, जिससे नौवहन को खतरा हुआ। इन जहाजों को हिरासत में लेने के बाद ईरान के तट पर ले जाया गया है.
घटनाक्रम का विवरण
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बुधवार को जहाजों पर गोलीबारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ओमान के उत्तर-पूर्व में एक कंटेनर जहाज ने बताया कि आईआरजीसी की एक गनबोट उसके पास आई और बिना किसी रेडियो संपर्क के फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में जहाज के पुल को गंभीर नुकसान पहुंचा है, लेकिन चालक दल पूरी तरह से सुरक्षित है.
आईआरजीसी की कार्रवाई
फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने 'यूफोरिया', 'एमएससी फ्रांसेस्का' और 'एपामिनोंडास' पर कार्रवाई की है। यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिकी नाकेबंदी के विरोध में आईआरजीसी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में विदेशी जहाजों को निशाना बना रहा है, जबकि अमेरिकी नौसेना ईरानी जहाजों को बंदरगाहों से बाहर निकलने नहीं दे रही है.