×

ईरान पर अमेरिका का अंतिम हमला: मिडिल ईस्ट में सैनिकों की तैनाती

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक निर्णायक हमले की योजना बनाई है, जिसमें हजारों अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात किए गए हैं। इस हमले का उद्देश्य ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को कमजोर करना है। हाल ही में ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमले की भी खबर आई है। इसके अलावा, लेबनान में भी तनाव बढ़ रहा है, जहां एक शांति सैनिक की मौत हो गई। जानें इस संकट के बारे में और क्या हो रहा है।
 

जमीनी हमले की तैयारी


हवा के साथ जमीनी हमले की योजना


अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों का एक महीना पूरा हो चुका है। इन हमलों ने ईरान को काफी नुकसान पहुँचाया है, लेकिन ईरान ने अभी तक हार नहीं मानी है। ईरान ने भी जवाबी हमलों में दोनों देशों को नुकसान पहुँचाया है। अब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक निर्णायक हमला करने की योजना बनाई है।


सूत्रों के अनुसार, अमेरिका अब हवाई हमलों के साथ-साथ जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प ने अभी तक जमीनी हमले की अनुमति नहीं दी है। फिर भी, 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के 3500 अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट में तैनात हो चुके हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं। इसके अलावा, हजारों अतिरिक्त सैनिक, टैंक, जंगी बेड़े और फाइटर जेट्स भेजने की योजना है।


अमेरिका और इजरायल की रणनीति

यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख ब्रैड कूपर ने इजरायल में इजरायली सेना के प्रमुख इयाल जमीर और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में ईरान से जुड़े संघर्ष और उसके हथियार उत्पादन को रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले दिनों में ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुँचाया जा सकता है।


ईरान में पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला

सोमवार सुबह, ईरान के उत्तरी क्षेत्र में एक पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री पर हमला हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार, तब्रिज पेट्रोकेमिकल के एक प्लांट को निशाना बनाया गया। राहत की बात यह है कि इस हमले में कोई खतरनाक रसायन बाहर नहीं फैला। यह फैक्ट्री तेल और प्राकृतिक गैस से प्लास्टिक और अन्य आवश्यक रसायन बनाने का कार्य करती है।


वहीं, पश्चिम एशिया में युद्ध के पहले महीने में, ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड के प्रवक्ता ने कहा कि अब अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों के निजी घर भी ईरान के लिए वैध लक्ष्य बन गए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायली सैन्य तथा राजनीतिक अधिकारियों को चेतावनी देना है।


लेबनान में बढ़ता तनाव

लेबनान में भी तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। दक्षिणी लेबनान के अडचित अल-कुसैर क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (यूएनआईएफआईएल) के ठिकाने पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यूएनआईएफआईएल ने कहा कि यह प्रोजेक्टाइल कहाँ से आया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।