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ईरान में आर्थिक संकट के चलते बढ़ते विरोध प्रदर्शनों पर खामेनेई की सख्त प्रतिक्रिया

ईरान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति के कारण विरोध प्रदर्शनों में हिंसा बढ़ गई है। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद बनाए रखने की बात कही है। अमेरिका और इजराइल को मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए, खामेनेई ने हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कोई नरमी न बरतने की चेतावनी दी है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभावों के बारे में।
 

ईरान में विरोध प्रदर्शनों का बढ़ता संकट

तेहरान: ईरान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति और मुद्रा रियाल की निरंतर गिरावट के कारण विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। पिछले एक सप्ताह से जारी इस अशांति के बीच, देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया है कि वे हिंसा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद बनाए रखें।


खामेनेई का संबोधन सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित करते हुए, 86 वर्षीय खामेनेई ने कहा कि प्रदर्शन और दंगों के बीच अंतर करना आवश्यक है। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की बात सुनी जानी चाहिए, लेकिन हिंसा फैलाने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने मौजूदा स्थिति के लिए अमेरिका और इजराइल जैसी विदेशी शक्तियों को जिम्मेदार ठहराया और रियाल की गिरावट को भी “दुश्मनों की साजिश” बताया।


देश के 31 प्रांतों में से 22 में विरोध प्रदर्शन फैल चुके हैं। शनिवार रात हुई झड़पों में दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। कोम शहर में एक ग्रेनेड विस्फोट में एक व्यक्ति की जान गई, जो कथित तौर पर लोगों पर हमला करने की योजना बना रहा था। इसके अलावा, हरसिन शहर में रिवोल्यूशनरी गार्ड की बासिज इकाई के एक सदस्य को गोली और चाकू के हमले में मारा गया।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाया गया, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। इसके बाद ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की घोषणा ने ईरानी नेतृत्व की चिंता को और बढ़ा दिया है। ईरान के अधिकारियों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है।


मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि देशभर में 100 से अधिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि यह आंदोलन 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों जितना व्यापक नहीं है, लेकिन गहराते आर्थिक संकट और रियाल की ऐतिहासिक गिरावट ने आम लोगों के आक्रोश को स्पष्ट रूप से उजागर किया है।