ईरान में कुद्स डे पर राष्ट्रपति और सुरक्षा सचिव की जनता के बीच उपस्थिति
ईरान के नेताओं की जनता के बीच उपस्थिति
नई दिल्ली। अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और धार्मिक संस्थान के प्रमुख आयतुल्लाह अराफी को जनता के बीच देखा गया। इन नेताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से लोगों के बीच समय बिताया, उनके चेहरे पर न तो डर था और न ही युद्ध की कोई चिंता। ये सभी नेता कुर्द्स डे के अवसर पर लोगों के साथ थे। अली लारिजानी ने इस मौके पर तस्वीरें भी साझा कीं और पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
मेहर न्यूज के अनुसार, रमजान के अंतिम शुक्रवार को ईरान में कुद्स दिवस मनाया गया। इस दौरान लोगों ने फिलिस्तीन के प्रति एकजुटता दिखाई। वरिष्ठ नेता एंघेलाब स्ट्रीट पर भी उपस्थित थे, जहां हजारों लोग इकट्ठा हुए। अली लारिजानी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के 13वें दिन ईरान की जनता सड़कों पर उतरी है।
कुद्स दिवस का महत्व
हर साल रमजान के अंतिम शुक्रवार को फिलिस्तीन के नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोग सड़कों पर निकलकर फिलिस्तीन में मारे गए नागरिकों के प्रति शोक व्यक्त करते हैं। ईरान में यहूदी शासन के खिलाफ भी रैलियां आयोजित की जाती हैं। पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का संबोधन होता था, लेकिन इस बार उनका संबोधन नहीं हुआ।
पजेश्कियन और लारिजानी पर अमेरिका-इजराइल की नजर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी अमेरिका और इजराइल के निशाने पर हैं। दोनों नेताओं को मारने के लिए पहले ही हमले किए जा चुके हैं, लेकिन वे अब तक सुरक्षित हैं। जंग के 14वें दिन, दोनों नेताओं ने सड़कों पर आकर मजबूती से खड़े रहने का संदेश दिया है। ईरान में राष्ट्रपति और सर्वोच्च परिषद के सचिव को सबसे शक्तिशाली माना जाता है। अली लारिजानी को दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी माना जाता है।