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ईरान में खामेनेई की मौत के बाद अमेरिका का बड़ा आरोप

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद, अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में एक गंभीर आरोप लगाया है कि ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने का प्रयास किया। इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बीच, अमेरिकी राजदूत ने ईरान की गतिविधियों को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा बताया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और अमेरिका के दावों का क्या मतलब है।
 

ईरान में हालात और अमेरिका का आरोप

संयुक्त राष्ट्र: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई का निधन हो गया है। इसके बाद, कल सुबह इस्राइल ने ईरान के विभिन्न शहरों और सैन्य ठिकानों पर तेज़ी से हमले किए। ये हमले ईरान के सैन्य बेस, एयरफील्ड और सरकारी स्थलों को लक्षित करते हुए किए गए। आज भी ईरान में हमलों का सिलसिला जारी है। इस बीच, अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में एक महत्वपूर्ण दावा पेश किया। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ईरानी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे और प्रॉक्सी के माध्यम से मारने का प्रयास किया।


यूएन सुरक्षा परिषद में माइक वाल्ट्ज ने कहा कि ईरान पिछले 47 वर्षों से लगातार ‘अमेरिका को मौत’ का नारा दे रहा है और इस्राइल को समाप्त करने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ हमले करने, यूएन चार्टर का उल्लंघन करने और मध्य पूर्व में शांति के लिए खतरा उत्पन्न करने का आरोप लगाया।


वाल्ट्ज ने कहा कि ईरान ने ट्रंप को मारने के प्रयास किए और अपनी कार्रवाइयों को छिपाने के लिए खुद को पीड़ित बताने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की गतिविधियां अमेरिका, उसके सैनिकों, बेस, सहयोगियों और वैश्विक साझेदारों के लिए खतरा हैं।


अमेरिका ने अमेरिकी-इस्राइल ऑपरेशन को लेकर UNSC में कहा कि यह यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत, देश और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक वैध कदम है। वाल्ट्ज ने यह भी बताया कि ईरानी लोग इन हमलों पर शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि जश्न मना रहे हैं, शायद वे अपनी आज़ादी की उम्मीद जता रहे हैं।