ईरान में नए नेता के समर्थन में जनसैलाब, अमेरिका और इजरायल की चिंता बढ़ी
नई दिल्ली में ईरान की स्थिति
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल द्वारा की जा रही बमबारी के बीच, ईरान से एक नई तस्वीर सामने आई है जिसने व्हाइट हाउस में चिंता बढ़ा दी है। तेहरान के ऐतिहासिक ‘इंकलाब स्क्वायर’ से आए वीडियो और फुटेज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद, यह माना जा रहा था कि ईरान कमजोर होगा, लेकिन इसके विपरीत, खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किए जाने के बाद, ईरान की जनता सड़कों पर उतर आई है।
इंकलाब स्क्वायर पर जनसैलाब
तेहरान से आई फुटेज में यह स्पष्ट है कि इंकलाब स्क्वायर पर लोगों की इतनी भीड़ है कि तिल रखने की भी जगह नहीं है। लाखों लोग अपने नए नेता मोजतबा खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे हैं। एक ओर अमेरिकी और इजरायली मिसाइलें गिर रही हैं, जबकि दूसरी ओर यह जनसैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा। यह ट्रंप के लिए एक खुला चुनौती है। हाल ही में ट्रंप ने मोजतबा खामेनेई को ‘हल्का नेता’ कहा था और कहा था कि उन्हें ईरान के नए नेता के चयन में हस्तक्षेप करना होगा। लेकिन तेहरान की सड़कों पर उमड़ी यह भीड़ स्पष्ट रूप से कह रही है कि ईरान अपने निर्णय खुद करेगा।
ट्रंप की चिंता के कारण
बमबारी का असर न होना: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। ट्रंप का मानना था कि इस दबाव के बाद ईरानी जनता विद्रोह कर देगी, लेकिन सड़कों पर उमड़ी यह भीड़ दर्शाती है कि लोग और अधिक एकजुट हो गए हैं।
मोजतबा खामेनेई की शक्ति: मोजतबा को पहले पर्दे के पीछे का खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन अब सेना और आम जनता ने उनके नाम पर मुहर लगाई है, जिससे ट्रंप की उम्मीदें टूट गई हैं कि ईरान में सत्ता का संघर्ष होगा।
तेल और युद्ध की स्थिति: ईरान ने पहले ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने और तेल आपूर्ति रोकने की धमकी दी है। यदि मोजतबा के नेतृत्व में ईरान और आक्रामक होता है, तो वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे ट्रंप की घरेलू राजनीति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
ईरानी जनता का संकल्प
सड़कों पर मौजूद लोगों के हाथों में मोजतबा खामेनेई की तस्वीरें हैं। लोग कह रहे हैं कि चाहे कितनी भी बमबारी हो जाए, वे अपने नए ‘रहनुमा’ के साथ खड़े रहेंगे। तेहरान की सड़कों पर एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने कहा कि ट्रंप को लगता है कि वह मिसाइलों से हमारा हौसला तोड़ देंगे, लेकिन उन्हें यह वीडियो देखना चाहिए। हम कल भी खड़े थे, आज भी खड़े हैं।
इजरायल की चिंता
यह केवल ट्रंप के लिए ही नहीं, बल्कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी चिंता का विषय है। इजरायल ने चेतावनी दी थी कि जो भी नया सुप्रीम लीडर बनेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा। लेकिन मोजतबा खामेनेई को मिल रहा जन समर्थन यह दर्शाता है कि उनकी सत्ता पर पकड़ मजबूत है। यदि ट्रंप ने इस जनसैलाब की ताकत को कम आंका, तो आने वाले दिन पूरी दुनिया के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल, तेहरान का ‘इंकलाब स्क्वायर’ एक ऐसी जंग का गवाह बन रहा है, जो केवल हथियारों से नहीं, बल्कि हौसले और भीड़ से भी लड़ी जा रही है।