ईरान में प्रदर्शन के दौरान मौतों की संख्या में वृद्धि, विवादित आंकड़े सामने आए
ईरान में प्रदर्शन और मौतों का आंकड़ा
नई दिल्ली। पिछले 18 दिनों से जारी प्रदर्शनों के बीच, ईरान में अयातुल्ला अली खामेनाई के शासन के तहत कितने लोग मारे गए हैं, इस पर सवाल उठ रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी के अनुसार, प्रदर्शन के 17वें दिन तक दो हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल हैं। दूसरी ओर, ब्रिटेन की एक वेबसाइट ने दावा किया है कि इस प्रदर्शन में अब तक 12 हजार लोगों की जान गई है। इससे पहले सोमवार को 600 से अधिक लोगों की मौत की सूचना मिली थी।
ब्रिटेन की वेबसाइट 'ईरान इंटरनेशनल' ने 12 हजार मौतों का दावा करते हुए इसे ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार बताया है। वेबसाइट का कहना है कि यह आंकड़ा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है और इसे प्रकाशित करने से पहले कई स्तरों पर सत्यापित किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मारे गए अधिकांश लोग 30 वर्ष से कम उम्र के थे। इसमें यह दावा किया गया है कि ज्यादातर हत्याएं 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' और 'बसीज फोर्स' द्वारा की गईं, जो सुप्रीम लीडर खामेनाई के आदेश पर हुईं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकांश हत्याएं 8 और 9 जनवरी की रात को हुईं। उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई की खबरें आई थीं। वेबसाइट ने यह भी कहा है कि सरकार इंटरनेट और अन्य संचार माध्यमों को बंद कर अपने अपराधों को छिपा रही है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, ट्रंप का कहना है कि ईरान के अधिकारी अमेरिका से बातचीत करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान की ओर से सार्वजनिक रूप से जो बातें कही जा रही हैं, वे अमेरिकी प्रशासन को भेजे गए संदेशों से भिन्न हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति इन संदेशों को समझना चाहते हैं, लेकिन यदि आवश्यक हुआ तो वे सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे।