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ईरान में प्रशासनिक बदलाव, खामेनेई ने लारिजानी को सौंपे महत्वपूर्ण अधिकार

ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित टकराव की चिंताओं के बीच अपने प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने वरिष्ठ नेता अली लारिजानी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण अधिकार सौंपे हैं। यह कदम क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। लारिजानी अब सुरक्षा, सैन्य और कूटनीतिक रणनीतियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ईरान की सैन्य गतिविधियों में भी वृद्धि हुई है, जिसमें हाल ही में मिसाइल परीक्षण शामिल हैं।
 

ईरान में महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल

तेहरान: अमेरिका के साथ संभावित संघर्ष की चिंताओं के बीच, ईरान ने अपने प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण अधिकार वरिष्ठ नेता अली लारिजानी को सौंप दिए हैं।


रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरानी अधिकारियों और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के सूत्रों के अनुसार, क्षेत्रीय परिस्थितियों और अमेरिका तथा इज़राइल के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। लारिजानी अब सुरक्षा, सैन्य और कूटनीतिक रणनीतियों के समन्वय में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।


सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय के साथ एक व्यापक आकस्मिक योजना भी तैयार की गई है, जिसमें नेतृत्व व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि देश की सैन्य तैयारियों की समीक्षा की गई है, मिसाइल प्रणालियों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है और सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि इस पर सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।


रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमले की आशंका को देखते हुए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा दिया है। हाल ही में ‘सय्याद-3जी’ मिसाइल के परीक्षण की भी जानकारी सामने आई है। वर्तमान में लारिजानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव हैं और परमाणु वार्ता, क्षेत्रीय सहयोगियों से संपर्क तथा आंतरिक सुरक्षा संबंधी मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन क्षेत्रीय हालात को देखते हुए पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बनी हुई है।