ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी, तनाव का माहौल जारी
मिडिल ईस्ट में तनाव का तीसरा हफ्ता
मिडिल ईस्ट में तनाव का तीसरा हफ्ता चल रहा है, जिसमें कई भारतीय छात्र ईरान में फंसे हुए हैं। भारत सरकार ने हमेशा की तरह इस बार भी अपने नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान रखा है। युद्धग्रस्त ईरान से भारतीय छात्रों का दूसरा समूह सोमवार की रात इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा।
आर्मेनिया से दुबई होते हुए भारत की यात्रा
ये छात्र आर्मेनिया की राजधानी येरेवन से दुबई होते हुए दिल्ली पहुंचे। इस विमान में कई भारतीय छात्रों की घर वापसी हुई, जो उनके परिवारों के लिए राहत की बात है। हालांकि, अभी भी कई छात्र ईरान में फंसे हुए हैं। घर लौटे छात्रों ने ईरान की स्थिति के बारे में जानकारी साझा की।
सफर में आई कठिनाइयाँ
छात्रों ने बताया कि उनका सफर आसान नहीं था। विमान ने लगभग 12 घंटे की देरी से उड़ान भरी। दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने सुरक्षा कारणों से उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी थीं। हालांकि, उसी दिन शाम को उड़ान को फिर से अनुमति मिल गई और विमान रविवार को भारत पहुंचा। इस उड़ान में 80 लोग सवार थे, जिनमें छात्र और तीर्थयात्री शामिल थे।
ईरान में छात्रों का अनुभव
भारत लौटने वाले छात्रों ने बताया कि वे पहले ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों से बसों में सवार होकर ईरान-आर्मेनिया सीमा तक पहुंचे। वहां से वे येरेवन गए, फिर दुबई की उड़ान ली और दिल्ली के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ी। ईरान में हवाई यात्रा 28 फरवरी से बंद है, जिसके कारण उन्हें जमीनी रास्ते से यात्रा करनी पड़ी। कश्मीर के लबीब कादरी, जो ईरान के उर्मिया विश्वविद्यालय से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं, ने कहा कि पिछले दो हफ्तों से ईरान में लगातार बमबारी हो रही है।
सुरक्षा की भावना
उन्होंने बताया कि ईरान से निकलने के बाद वे दुबई में भी फंसे रहे, जहां ड्रोन हमले हो रहे थे। अब भारत पहुंचकर उन्हें यकीन हो रहा है कि वे सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में पूरी तरह से लॉकडाउन था और हर समय यही डर था कि कहीं हॉस्टल पर बम न गिर जाए। लगभग 45 भारतीय छात्र हर दिन बेसमेंट में रहने को मजबूर थे।