ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन: क्या तख्तापलट की तैयारी है?
ईरान में प्रदर्शन और राजनीतिक अस्थिरता
नई दिल्ली - पिछले साल 28 दिसंबर से ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं, जो अब उग्र रूप ले चुके हैं। इस दौरान 115 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और दो हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस स्थिति के चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि ईरान में तख्तापलट की संभावना बढ़ रही है। हाल ही में वेनेजुएला, नेपाल और बांग्लादेश में सरकारों के बदलाव ने इन अटकलों को और बल दिया है।
ईरान में बढ़ते विरोध, दमन और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ असहमति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश किसी बड़े राजनीतिक परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक स्वतंत्रताओं पर पाबंदियों के खिलाफ जनता में गुस्सा बढ़ रहा है। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ भी इसी तरह का विरोध हुआ था, जो युवाओं के बीच तेजी से फैला और अंततः सरकार गिर गई।
नेपाल में जेनजी आंदोलन भी इसी पैटर्न का उदाहरण है, जहां पहले राजनीतिक विरोध शुरू हुआ और फिर यह बड़े आंदोलन में बदल गया। सोशल मीडिया के माध्यम से संगठित इस आंदोलन ने सरकार के खिलाफ व्यापक नाराजगी को जन्म दिया। वेनेजुएला में अमेरिका की दखलंदाजी ने भी सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को प्रभावित किया। अमेरिका ने वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपहरण कर लिया था, जिसके बाद वहां के लोग इस बदलाव का जश्न मनाने लगे।
ईरान में हाल के प्रदर्शनों में युवाओं, महिलाओं और विश्वविद्यालयों की भागीदारी ने खामेनेई सरकार के लिए एक नई चुनौती पेश की है। देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं 60 घंटे से अधिक समय से ठप हैं। अमेरिका ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है और खामेनेई सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दमन किया गया, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। हालांकि, अमेरिका की प्रत्यक्ष भागीदारी के ठोस सबूत नहीं हैं, जिससे अटकलें बनी हुई हैं।
भारत में ईरान के दूतावास ने खामेनेई का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ईरान पर दबाव बनाने की कोशिशें की गईं, लेकिन इस्लामिक रिपब्लिक आज भी मजबूत है। खामेनेई ने कहा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आज दुनिया में ताकतवर और खुशहाल है, उनकी इच्छा के विपरीत।" उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 40 वर्षों में ईरान के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई है।