ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
ईरान में हिंसा और विरोध की स्थिति
नई दिल्ली। ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए, विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। केंद्र सरकार ने ईरान में सुरक्षा की बदलती स्थिति को ध्यान में रखते हुए वहां रहने वाले भारतीयों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। ये विरोध प्रदर्शन पिछले महीने के अंत में शुरू हुए थे, जब ईरानी मुद्रा रियाल अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद यह आंदोलन देश के सभी 31 प्रांतों में फैल गया है। प्रारंभ में आर्थिक मुद्दों पर आधारित ये प्रदर्शन अब राजनीतिक बदलाव की मांग में बदल चुके हैं।
ईरान छोड़ने की सलाह
विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी में कहा है कि भारतीय नागरिकों को सभी उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करना चाहिए, जिसमें वाणिज्यिक उड़ानें भी शामिल हैं, ताकि वे सुरक्षित रूप से ईरान से बाहर निकल सकें।
संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह
सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों को सलाह दी है कि वे पूरी सतर्कता बरतें। उन्हें किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों या अशांत क्षेत्रों से दूर रहने, स्थानीय हालात पर नजर रखने और ईरान में स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
यात्रा दस्तावेज तैयार रखें
ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को यह सलाह दी गई है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र, हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें।
सहायता के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करें
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले 5 जनवरी को जारी की गई एडवाइजरी में भी भारत सरकार ने अपने नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था।
मृतकों की संख्या में वृद्धि
मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 2,572
ईरान के प्रधान न्यायाधीश ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा का संकेत दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 2,572 हो गई है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की समाचार एजेंसी ने कहा कि यह आंकड़ा दशकों में ईरान में हुए किसी भी विरोध प्रदर्शन में हुई मौतों की संख्या से कहीं अधिक है।