ईरान में युद्ध के बीच भारत के टैंकरों को मिली सुरक्षा
भारत के टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही
नई दिल्ली। ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच, भारत के दो टैंकरों को होरमुज की खाड़ी से निकलने की अनुमति मिल गई है। इन टैंकरों में एलपीजी भरी हुई है और उन्होंने खाड़ी को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है। इन जहाजों पर कुल 94 हजार मीट्रिक टन एलपीजी मौजूद है। भारतीय नौसेना इन टैंकरों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये टैंकर इस सप्ताह मुंबई पहुंच जाएंगे।
भारतीय टैंकरों की स्थिति
हाल ही में, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी थी कि भारतीय झंडे वाले चार एलपीजी टैंकर पहले ही होरमुज की खाड़ी पार कर चुके हैं। इसके अलावा, तीन अन्य टैंकर अभी भी पश्चिमी क्षेत्र में हैं। सरकार ने बताया कि इस समय कुल 18 भारतीय जहाज और 485 भारतीय नाविक इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है, और इसकी लगभग 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात से पूरी होती है, जिसमें से 90 प्रतिशत पश्चिम एशिया से आता है।
ईरान की स्थिति
इस बीच, ईरान ने दावा किया है कि होरमुज की खाड़ी में उसका प्रभाव बढ़ गया है और अमेरिकी जहाजों को पीछे हटना पड़ा है। ईरानी नौसेना के एक कमांडर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसके जहाज उनकी रेंज में आए तो उन्हें तटीय मिसाइलों से निशाना बनाया जाएगा। यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका खार्ग द्वीप के पास सैनिक उतारकर उस पर नियंत्रण स्थापित करने और होरमुज की खाड़ी में आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।