ईरान में सरकार और इस्लामिक गार्ड के बीच बढ़ता टकराव
इस्लामिक गार्ड का बढ़ता प्रभाव
तेहरान: ईरान में सरकार और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और आईआरजीसी के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है। आईआरजीसी ने देश के प्रशासन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
ट्रम्प का दावा और ईरान का खंडन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सीधी बातचीत नहीं हो रही है। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ईरान में असली शक्ति किसके पास है।
आईआरजीसी का राष्ट्रपति के निर्णयों में हस्तक्षेप
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति पजशकियान महत्वपूर्ण निर्णय लेने में असमर्थ हैं। आईआरजीसी, जो अमेरिका के हमलों का जवाब देने के लिए जिम्मेदार था, अब सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय भी ले रहा है। पजशकियान ने हाल ही में एक नए खुफिया मंत्री की नियुक्ति का प्रयास किया था, जिसे आईआरजीसी के प्रमुख ने रोक दिया।
युद्ध की स्थिति में आईआरजीसी की भूमिका
आईआरजीसी के प्रमुख ने कहा है कि युद्ध की स्थिति में सभी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां आईआरजीसी द्वारा की जाएंगी। आमतौर पर, ईरान में राष्ट्रपति खुफिया मंत्री की नियुक्ति तब करते हैं जब सुप्रीम लीडर की मंजूरी मिल जाती है।
यूएई की संभावित भागीदारी
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ईरान के साथ संभावित युद्ध में सीधे शामिल होने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए सभी आवश्यक उपायों की अनुमति मांगी जा रही है।
भारत के लिए राहत की खबर
मध्य पूर्व में तनाव के बीच, भारत के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। यूएई से एलपीजी लेकर आए दो टैंकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गए हैं। पहला टैंकर 31 मार्च को मुंबई पहुंचा, जबकि दूसरा टैंकर 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर के पास पहुंचा।
बहरीन में अमेजन पर हमला
ईरान ने बहरीन में अमेरिकी कंपनी अमेजन वेब सर्विस के डेटा सेंटर पर हमला किया है। इस हमले के बाद आग लग गई, और यह घटना तब हुई जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिडिल ईस्ट में काम कर रही अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी।