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ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने से वैश्विक विमानन में हलचल

ईरान में बढ़ती अशांति के बीच अचानक हवाई क्षेत्र बंद होने से वैश्विक विमानन में हलचल मच गई है। भारतीय एयरलाइंस ने यात्रियों को संभावित देरी और रद्दीकरण की चेतावनी दी है। ईरान का भौगोलिक स्थान महत्वपूर्ण हवाई मार्ग पर है, जिससे उड़ान समय और ईंधन लागत में वृद्धि हुई है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और संभावित हमलों की अटकलें।
 

ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने का प्रभाव

नई दिल्ली: ईरान में बढ़ती अशांति के चलते गुरुवार की सुबह अचानक हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया, जिससे वैश्विक विमानन में हड़कंप मच गया। इस निर्णय से पहले, जॉर्जिया के त्बिलिसी से दिल्ली की ओर आ रही इंडिगो की उड़ान ईरानी आसमान से गुजरने वाली अंतिम गैर-ईरानी फ्लाइट थी। हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद, इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों को संभावित देरी और उड़ान रद्द होने की चेतावनी दी है।

लाइव फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म फ्लाइटरडार24 के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E1808 ने बुधवार को सुबह 11:29 बजे त्बिलिसी से उड़ान भरी और गुरुवार को सुबह 7:03 बजे दिल्ली में लैंड की। यह विमान लगभग 2:35 बजे ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके थोड़ी देर बाद ही ईरान ने एयरमैन को नोटिस जारी कर अपना एयरस्पेस बंद कर दिया।


हवाई क्षेत्र बंद होने का कारण

हवाई क्षेत्र बंद होने का कारण

ईरान ने बिना किसी स्पष्ट कारण के गुरुवार की सुबह वाणिज्यिक उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। प्रारंभ में यह रोक चार घंटे के लिए थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा दिया गया। इस दौरान केवल सीमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दी गई। आदेश जारी होने से पहले ही ईरान और इराक के ऊपर का आसमान तेजी से खाली होता दिखाई दिया।


भारतीय एयरलाइंस की प्रतिक्रिया

भारतीय एयरलाइंस की चेतावनी

हवाई क्षेत्र के बंद होने के बाद, इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों को अलर्ट किया। इंडिगो ने कहा कि उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को रीबुकिंग या रिफंड का विकल्प दिया जा रहा है। एयर इंडिया ने बताया कि कई उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, जिससे देरी हो सकती है, जबकि कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं।


वैश्विक विमानन पर प्रभाव

वैश्विक विमानन पर असर

ईरान का भौगोलिक स्थान पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण हवाई मार्ग पर है। इस कारण, उसके एयरस्पेस के बंद होते ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को उत्तर और दक्षिण की ओर मोड़ना पड़ा। इससे उड़ान समय और ईंधन लागत दोनों में वृद्धि हुई है। इससे पहले भी, ईरान ने इजरायल के साथ संघर्ष और गाजा युद्ध के दौरान अपने हवाई क्षेत्र को बंद किया था।


संभावित हमलों की आशंका

संभावित हमले की अटकलें तेज

ईरान में 28 दिसंबर से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक 2,400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सरकार की सख्त कार्रवाई के बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने सबसे बड़े सैन्य अड्डे से कुछ सैनिकों को हटाया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला किया गया, तो पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इन घटनाओं ने तेहरान पर संभावित हमलों की अटकलों को बढ़ा दिया है।