ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा शुल्क
अमेरिका ने किया विरोध, कहा- होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की योजना बनाई है। इस संबंध में ईरान ओमान के साथ बातचीत कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की नई पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने इस जलमार्ग के प्रबंधन के लिए सीमा निर्धारित की है।
अथॉरिटी के अनुसार, इस क्षेत्र से गुजरने के लिए परमिट की आवश्यकता होगी। फरवरी में अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद, ईरान ने इस जलमार्ग में वाणिज्यिक यातायात को लगभग रोक दिया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित हुई और ऊर्जा की कीमतें बढ़ गईं। इसके बाद, ईरानी अधिकारियों ने इस जलमार्ग से राजस्व जुटाने के विकल्पों पर चर्चा शुरू की।
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है वैश्विक ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा
दुनिया के करीब 20% समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं होना चाहिए। विदेश मंत्री ने भी इस पर आपत्ति जताई है। होर्मुज स्ट्रेट से लगभग 20% समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई होती है, इसलिए यहां किसी भी शुल्क का प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और शिपिंग पर पड़ सकता है।
ईरान का सर्विस फीस मॉडल
सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा है ईरान, सीधे टोल नहीं वसूलेगा
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान सीधे टोल लगाने के बजाय सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा है। इसमें जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और अन्य सेवाओं के नाम पर शुल्क लिया जा सकता है। दो ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ओमान इस प्रस्ताव में संभावित आर्थिक लाभ देखते हुए चर्चा कर रहा है। ओमान खाड़ी देशों और अमेरिका के साथ इस योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।