ईरानी सेना ने अमेरिकी हथियारों की बरामदगी की, तकनीक का अध्ययन जारी
ईरान ने अमेरिकी हथियारों को किया बरामद
अमेरिकी हथियारों का अध्ययन कर रही ईरानी सेना, भविष्य में चुनौती देने की तैयारी
US-Iran Conflict (तेहरान): अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष विराम के दौरान, ईरानी सेना ने अमेरिका के कुछ घातक हथियारों को बरामद किया है। ये हथियार हाल ही में ईरान पर अमेरिकी हमलों में इस्तेमाल किए गए थे, लेकिन किसी कारणवश ये विस्फोट नहीं हुए।
ईरान की सेना ने कई अमेरिकी मिसाइलों और बमों को बरामद किया है, जो कि पिछले हमलों के दौरान निशाने पर गिरे थे। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए थे, जो एक महीने से अधिक समय तक चले। इस दौरान हजारों बम और मिसाइलें ईरान पर गिराई गईं, जिनमें से कई विस्फोट नहीं कर पाईं।
ईरान की सेना की तकनीकी जांच
ईरान अब इन बरामद हथियारों की रिवर्स इंजीनियरिंग कर उनकी तकनीक को समझने का प्रयास कर रहा है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को होर्मोजगान प्रांत में कई अमेरिकी मिसाइलें और छोटे बम मिले हैं, जिनमें विस्फोट नहीं हुआ था।
बंदर अब्बास में तैनात इमाम सज्जाद कॉर्प्स ने दावा किया है कि उन्होंने 15 से अधिक भारी अमेरिकी मिसाइलों को निष्क्रिय कर दिया है। इन हथियारों को तकनीकी और अनुसंधान इकाइयों के पास भेजा गया है, जहां वैज्ञानिक इनकी संरचना और तकनीक का गहराई से अध्ययन करेंगे।
इजरायल के हमलों से लेबनान में तबाही
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता से कोई समाधान नहीं निकलता दिख रहा है, वहीं इजरायल ने सीजफायर की घोषणा के बावजूद लेबनान पर बमबारी की है। इस हमले में लेबनान को भारी नुकसान हुआ है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रविवार को हुए इजरायली हमलों में 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 37 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह घटना इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध के दौरान संघर्ष विराम के बावजूद हुई।