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ईश वेलफेयर फाउंडेशन ने होली का पर्व मनाया विशेष बच्चों के साथ

ईश वेलफेयर फाउंडेशन ने लखनऊ में होली का पर्व मनाया, जिसमें मानसिक मंदित महिलाओं और बच्चियों के साथ फूलों की होली खेली गई। इस आयोजन में बच्चियों को मिठाइयाँ और अन्य खाद्य सामग्री वितरित की गई। टीम ने उनके साथ समय बिताकर प्रेम और अपनत्व का अनुभव साझा किया। यह आयोजन सच्चे उत्सव का प्रतीक है, जो रंगों से नहीं, बल्कि संवेदना और सेवा के भाव से मनाया जाता है।
 

लखनऊ में होली का उत्सव


लखनऊ । होली के इस पावन पर्व पर, ईश वेलफेयर फाउंडेशन की टीम ने रविवार को वृंदावन कॉलोनी स्थित पॉल मर्सी होम में मानसिक मंदित महिलाओं और बच्चियों के साथ मिलकर फूलों की होली खेली।


इस रंगीन और खुशियों से भरे आयोजन में बच्चियों के साथ होली के गीत गाए गए। उन्हें गुजिया, पापड़, फ्रूटी, मिठाई और ताजे फल वितरित किए गए। इसके साथ ही एक कुंतल 30 किलो आटा, एक कुंतल चावल, 15 किलो दाल, 25 लीटर सरसो तेल, चीनी, गुड़, बरी, रस्क और फल भी दान किए गए।


टीम के सदस्यों ने बच्चियों के साथ समय बिताते हुए, गले मिलकर और आत्मीय संवाद के माध्यम से उनके जीवन में प्रेम और अपनत्व का रंग भरने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों के चेहरे पर खुशी और आत्मीयता की झलक ने सभी का दिल जीत लिया।


यह ध्यान देने योग्य है कि संस्था पिछले कई वर्षों से होली, दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों को इन बच्चियों के साथ मनाती आ रही है। उनका उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि पहले उनके चेहरों पर मुस्कान लाना और उनके दिलों में खुशियाँ भरना है। इसके बाद ही अपनी खुशियों का उत्सव मनाना है।


इस विशेष अवसर पर संस्था के संरक्षक जितेंद्र सिंह, सरिता सिंह, पवन पांडेय (गुरु जी), निर्मल एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी की उपाध्यक्ष एड. रिचा मिश्रा, फाउंडर मेंबर नूतन वर्मा, जी एस विर्दी, पवन सिंह, ज्योति खरे, संगीता शुक्ला, वीना जी, गिरीश कुमार सिंह जी, मयंक सिंह, शिखा, बिल्लू पांडेय, भारती ठाकुर, मध्वी, मानसी, ए डी सी सिविल डिफेंस मनोज वर्मा, शैल वर्मा, बी के सिन्हा (सीनियर बैंक मैनेजर), पेंशनर क्लब से शुभाष चंद्र मिश्रा, जीतबहादुर पुरी, राम गोपाल शर्मा, एस के पांडेय, राकेश मिश्रा, रोहित पाल, राकेश कुमार और अन्य टीम के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।


यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सच्ची होली रंगों से नहीं, बल्कि प्रेम, संवेदना और सेवा के भाव से मनाई जाती है।