उज्जैन में AI की मदद से खोए जूते ढूंढने की अनोखी कहानी
महाकाल मंदिर के बाहर जूते खोजने का अनोखा तरीका
उज्जैन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग आजकल तेजी से बढ़ रहा है, और लोग इसके माध्यम से अपने कार्यों को सरलता से पूरा कर रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि AI का उपयोग मंदिर के बाहर खोए जूते-चप्पल खोजने के लिए भी किया जा सकता है? जी हां, मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर एक युवक ने ऐसा ही किया। गोवा का निवासी शुभांग बोरकर ने अपने खोए हुए जूतों (क्लॉग्स) को खोजने के लिए प्रसिद्ध AI चैटबॉट 'ChatGPT' का सहारा लिया और सफल भी रहे। इस तकनीकी प्रयोग ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है।
खुद खोजने के बजाय तकनीक का सहारा लिया
शुभांग ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने इस घटना का रोचक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब वे महाकाल मंदिर में दर्शन करने गए थे, तो उन्होंने अपने जूते बाहर उतार दिए थे। लेकिन लौटने पर, जूतों के ढेर में अपनी जोड़ी को खोजना उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया। ऐसे में, उन्होंने अपने स्मार्टफोन को एक स्कैनिंग डिवाइस में बदलकर इस समस्या का समाधान निकाला।
चैटजीपीटी को तस्वीरें भेजकर जूते मिले
शुभांग, जो वीकेंड पर एक खोजकर्ता और पेशेवर साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हैं, ने पहले उस भीड़भाड़ वाले शू रैक का वीडियो और तस्वीरें बनाई। इसके बाद, उन्होंने चैटजीपीटी खोला और उस रैक की तस्वीरों के साथ अपने खोए हुए जूतों की एक अलग तस्वीर अपलोड की। उन्होंने AI को बताया कि वे महाकाल मंदिर में हैं और उनकी चप्पल खो गई है, इसलिए मदद की आवश्यकता है। चैटजीपीटी ने रैक के विभिन्न हिस्सों की तस्वीरों का विश्लेषण किया और अंततः उनकी खोई हुई जोड़ी को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा AI प्रयोग
शुभांग ने अपने इंस्टाग्राम पर 'यूज़्ड चैटजीपीटी टू फाइंड माय लॉस्ट क्लॉग्स' शीर्षक से यह वीडियो साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस अनोखे 'AI प्रयोग' को देखकर न केवल हैरान हैं, बल्कि इसका मजा भी ले रहे हैं। लोगों का मानना है कि यह घटना दर्शाती है कि AI रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने में कितना सहायक हो सकता है। किसी ने भी शायद यह नहीं सोचा था कि AI का उपयोग इतनी सामान्य लेकिन आवश्यक चीजों के लिए भी किया जा सकता है।