उज्जैन में छात्राओं का विरोध: स्कूल स्थानांतरण टला
उज्जैन में छात्राओं का विरोध
छात्राओं का प्रदर्शन: उज्जैन के शासकीय सराफा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को स्थानांतरित करने का निर्णय फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं के विरोध को देखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक कोई उचित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, तब तक स्कूल पुराने भवन में ही संचालित रहेगा। मंगलवार को उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, विधायक अनिल जैन और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह स्कूल का दौरा करने पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने छात्राओं से बातचीत की और उनकी चिंताओं को सुना।
दूरी और सुरक्षा की चिंताएं:
चार दिन पहले, छात्राओं ने स्कूल स्थानांतरण के खिलाफ प्रदर्शन किया था। Gen-Z और Gen-Alpha की छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय जाकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि महाकाल मंदिर के पीछे स्थित मौजूदा स्कूल को दाऊदखेड़ी के सांदीपनि विद्यालय में मर्ज करने से उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। उन्होंने यात्रा और सुरक्षा से संबंधित समस्याओं का भी उल्लेख किया।
छात्राओं के विरोध और उनकी मांगों की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने स्पष्ट किया कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पढ़ाई मौजूदा सराफा स्कूल भवन में ही जारी रहेगी।
कलेक्टर का सुरक्षा का आश्वासन:
स्कूल पहुंचकर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनकी पढ़ाई और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती, छात्राएं इसी भवन में पढ़ेंगी। सरकार का प्रयास है कि छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन भी मिले। छात्राओं के विरोध के बाद सरकार के निर्णय से स्कूल स्थानांतरण की स्थिति स्पष्ट हो गई है।