उत्तर कोरिया की नई परमाणु नीति: किम जोंग उन की सुरक्षा पर बढ़ी चिंताएं
उत्तर कोरिया का सख्त कदम
नई दिल्ली - उत्तर कोरिया ने अपनी परमाणु नीति में एक महत्वपूर्ण और कठोर बदलाव किया है। देश ने अपने संविधान में संशोधन किया है, जिसके अनुसार यदि सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या होती है या वे किसी हमले के कारण कमान संभालने में असमर्थ हो जाते हैं, तो सेना अपने आप परमाणु जवाबी हमला शुरू कर सकती है। इस निर्णय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता की लहर पैदा कर दी है।
संविधान में संशोधन का कारण
यह बदलाव हाल के वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच किया गया है। विशेष रूप से ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बाद उत्तर कोरिया ने अपनी सुरक्षा नीति को और अधिक आक्रामक बना दिया है।
नए प्रावधानों की जानकारी
संविधान में जोड़े गए नए प्रावधान
दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) के अनुसार, यह संशोधन उत्तर कोरिया की सुप्रीम पीपल्स असेंबली के सत्र में पारित किया गया। नए नियमों के अनुसार, यदि दुश्मन देशों के हमले से परमाणु कमांड सिस्टम खतरे में पड़ता है, तो जवाबी परमाणु हमला “स्वचालित और तत्काल” तरीके से शुरू किया जा सकता है।
किम जोंग उन की सुरक्षा पर चिंता
रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरिया को यह चिंता है कि भविष्य में विदेशी शक्तियां उसके नेतृत्व को निशाना बना सकती हैं। इसी कारण सरकार ने परमाणु प्रतिक्रिया से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। किम जोंग उन पहले ही कई बार सार्वजनिक मंचों पर कह चुके हैं कि उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। अब नए कानून के बाद यह संदेश और स्पष्ट हो गया है कि देश अपनी परमाणु नीति को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
वैश्विक चिंता का बढ़ता स्तर
बढ़ी वैश्विक चिंता
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से दुनिया में परमाणु युद्ध का खतरा और बढ़ सकता है। उत्तर कोरिया पहले से ही लगातार बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण और हथियारों के आधुनिकीकरण में जुटा हुआ है। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान लंबे समय से उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी सैन्य टकराव की स्थिति बनती है, तो इस तरह की स्वचालित परमाणु प्रतिक्रिया नीति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।