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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2023: वैश्विक बाजार में प्रदेश की पहचान

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2023 का उद्घाटन ग्रेटर नोएडा में हुआ, जिसमें 90 देशों से 600 से अधिक खरीदार शामिल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर जोर दिया। इस ट्रेड शो ने प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने का अवसर प्रदान किया है। जानें इस आयोजन के महत्व और उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान के बारे में।
 

ग्रेटर नोएडा में ट्रेड शो का उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कला और आधुनिक निर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे संस्करण का उद्घाटन किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार शामिल हुए हैं, जबकि 2,400 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों के साथ इस ट्रेड शो में भाग ले रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और उद्यमियों की विश्वसनीयता पर वैश्विक स्तर पर भरोसा किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है।


बढ़ता फुटफॉल और वैश्विक भरोसा

मुख्यमंत्री ने बताया कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 खरीदार शामिल हुए थे, जबकि इस बार 90 देशों से 600 से अधिक खरीदारों की भागीदारी हो रही है। इसके साथ ही डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों की कला, युवाओं के नवाचार, एमएसएमई क्षेत्र और किसानों की मेहनत के प्रति वैश्विक विश्वास को दर्शाती है।


परंपरागत उद्यमों की पहचान

मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र में प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जब उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, तो उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। इस सोच को सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के रूप में ब्रांड किया।


गांव के हुनर को वैश्विक बाजार में लाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कमी नहीं है, बल्कि जरूरत है उस क्षमता को पहचानने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की। आजादी के बाद कई वर्षों तक कारीगरों को आवश्यक संसाधनों और सही दिशा का अभाव रहा। इससे नई पीढ़ी अपने पारंपरिक हुनर से दूर होती गई। सरकार ने जिलों और गांवों में मौजूद हुनर को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया है।


जीआई टैग और स्थानीय उत्पादों का विकास

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है।


अंतरराष्ट्रीय सहयोग और व्यापार के नए अवसर

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों के विशेष पवेलियन लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।


एमएसएमई का योगदान

एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अब प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को वैश्विक एक्सपोजर मिलेगा। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं।