उत्तर प्रदेश एटीएस की शहजाद भट्टी नेटवर्क पर कार्रवाई, 10 जिलों में छापेमारी
एटीएस की छापेमारी का विस्तार
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच में तेजी लाते हुए लखनऊ सहित 10 जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे हैं। इस कार्रवाई के दौरान कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ जैसे जिलों में यह कार्रवाई की गई है।
नए नामों की पहचान
एटीएस की यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर की जा रही है। एजेंसी 150 से अधिक व्यक्तियों की गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है, जिनका नाम पूछताछ में सामने आया था। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनमें से कौन लोग नेटवर्क से वास्तविक रूप से जुड़े हुए थे और उनकी भूमिका क्या थी।
डिजिटल गतिविधियों की जांच
जांच एजेंसी संदिग्धों के सोशल मीडिया खातों, चैट और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी गहन जांच कर रही है। इसके साथ ही वित्तीय लेनदेन और डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल भी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, कई संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है और उनके डिजिटल संपर्कों का विश्लेषण जारी है।
पिछले मामलों की जानकारी
पिछले कुछ महीनों में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अगस्त में यूपी एटीएस ने 52 आरोपियों से पूछताछ के बाद 150 से अधिक संदिग्धों की पहचान की थी। एजेंसी का ध्यान यह जानने पर है कि इनमें से कौन केवल संपर्क में था और कौन नेटवर्क की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था।
केंद्र सरकार की कार्रवाई
केंद्र सरकार ने सितंबर में शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस नेटवर्क पर सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी करने और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने के आरोप हैं।
आगे की जांच
यूपी एटीएस अब हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के माध्यम से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनके बीच संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।