उत्तर प्रदेश का जीरो पावर्टी मिशन: एक नई दिशा में कदम
उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन का नया मॉडल
उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन अब केवल एक नीति की घोषणा नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘जीरो पावर्टी’ मिशन प्रशासनिक इच्छाशक्ति, तकनीक और जमीनी सत्यापन को एकीकृत करते हुए एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर योग्य परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। दो चरणों में किए गए इस व्यापक प्रयास से यह स्पष्ट हो गया है कि योगी सरकार संख्या से अधिक पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू इस मिशन के सफल उदाहरण हैं, जिन्हें योजना के तहत आवास, पानी, सड़क, बिजली, राशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
जीरो पावर्टी अभियान के तहत लखनऊ के गोसाईगंज में रामसागर, उर्मिला और रामू को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी तरह, पूरे प्रदेश में वंचितों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। ये लाभार्थी योगी सरकार की प्रशंसा करते नहीं थकते। उनका कहना है कि जीरो पावर्टी मिशन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भोजन, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, जल, ऊर्जा और आजीविका से जुड़े समग्र समाधान का प्रतीक है। यह अभियान उत्तर प्रदेश को समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जीरो पावर्टी अभियान के पहले चरण में 8 प्रमुख योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को शत-प्रतिशत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार, राशन योजना में 97 प्रतिशत पात्र परिवारों को लाभ मिल चुका है, जो खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। निराश्रित महिला पेंशन योजना में 87 प्रतिशत और दिव्यांग पेंशन में 62 प्रतिशत लाभार्थियों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा, पीएम/सीएम जन आरोग्य योजना के तहत 63 प्रतिशत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। वृद्धावस्था पेंशन, बीओसीडब्ल्यू श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि और पीएम/सीएम आवास योजना में पात्रता मानकों की जांच, डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान और डेटा शुद्धिकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि सभी वास्तविक जरूरतमंदों को योजनाओं से जोड़ा जाए।
दूसरे चरण की शुरुआत 15 अक्टूबर 2025 से हुई, जिसमें 16 योजनाओं के तहत वंचित परिवारों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है, जिसे 15 जनवरी तक पूरा किया जाना है। इस दौरान पीएम उज्ज्वला योजना, शौचालय सहायता योजना, जल जीवन मिशन और विद्युत कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पात्र लाभार्थियों का सत्यापन तेजी से किया जा रहा है।
सर्वेक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर महिलाओं को बड़े पैमाने पर आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 11 हजार बच्चों को पुनः नामांकन के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा में लाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
योगी सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को योजनाओं की समीक्षा का एक महत्वपूर्ण आधार बनाया है। हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और सुझावों के विश्लेषण से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप हों और कोई भी पात्र परिवार वंचित न रहे।