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उत्तर प्रदेश: झांसी में 23 पुलिसकर्मियों का निलंबन, परीक्षा में अनुशासनहीनता का मामला

उत्तर प्रदेश के झांसी में 23 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, जिन्होंने दरोगा भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए बीमारी का बहाना बनाया। यह मामला तब उजागर हुआ जब विभाग ने आंतरिक जांच की। निलंबित सिपाहियों के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं, और यदि दोष सिद्ध होता है, तो उनके करियर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और विभागीय कार्रवाई के बारे में।
 

पुलिसकर्मियों का निलंबन

झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। यहां 23 सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है, जिन्होंने दरोगा भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए बीमारी का बहाना बनाया। जानकारी के अनुसार, सभी ने पहले मेडिकल छुट्टी ली और फिर परीक्षा केंद्र पहुंचे। यह मामला तब उजागर हुआ जब विभाग ने आंतरिक जांच की, जिसमें सभी सिपाहियों की गतिविधियों का खुलासा हुआ।


जांच रिपोर्ट के आधार पर, बीबी जीटीएस मूर्ति ने 19 मार्च को सभी 23 सिपाहियों को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया। यह मामला सोमवार को सार्वजनिक हुआ, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना अनुमति परीक्षा में शामिल होना और झूठ बोलकर छुट्टी लेना गंभीर अनुशासनहीनता के अंतर्गत आता है। इस कारण संबंधित सिपाहियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने के लिए विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है।


उन्होंने यह भी बताया कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के कैरेक्टर रोल में ‘बैड एंट्री’ दर्ज की जाएगी। इसका प्रभाव उनके करियर पर पड़ेगा, जैसे कि प्रमोशन में रुकावट और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से वंचित रहना।


निलंबित सिपाहियों में अनुपम शुक्ला, विकास कुमार, जीतू यादव, राहुल कुमार, दुर्गेश सिंह, आशीष कुमार, रूप सिंह, सत्यम मिश्रा, स्वाति चौहान, श्याम सुंदर, लवकुश, अनीशा राजपूत, खुशबू शर्मा, बलवीर सिंह, नवल सिंह, प्रमोद सिंह, रवि कुमार, राजेंद्र कुमार, सुशीला कुमारी समेत कुल 23 पुलिसकर्मी शामिल हैं। सभी अलग-अलग थानों और यूनिट्स में तैनात थे। इस मामले की विस्तृत जांच जारी है, और विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।