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उत्तर प्रदेश पुलिस में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: दो अधिकारियों का निलंबन

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दो अधिकारियों को निलंबित किया है। यह कार्रवाई एक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान की गई, जिसमें अधिकारियों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई। जानें इस सख्त कदम के पीछे की वजह और पुलिस कमिश्नर के निर्देश।
 

नोएडा में पुलिस आयुक्त का सख्त कदम

नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। हाल ही में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में फेज दो थाना के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) की इंचार्ज पारुल पुनिया को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इन दोनों अधिकारियों पर एक मामले में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया गया है।


पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि गुरुवार को हुई अपराध मीटिंग में जिले के सभी थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। इस बैठक में यह पाया गया कि कुछ मामलों में अपेक्षित सतर्कता और त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह कठोर कदम उठाया गया। नोएडा फेज दो थाना के प्रभारी अवधेश कुमार की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्हें निलंबित किया गया।


इसके अलावा, खुफिया सूचनाओं के संकलन और विश्लेषण में लापरवाही के कारण एलआईयू इंचार्ज पारुल पुनिया पर भी कार्रवाई की गई। बैठक में अन्य थाना प्रभारियों को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करें। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करें। संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अपराध नियंत्रण के लिए प्रोएक्टिव पुलिसिंग अपनाने की बात भी की गई। जहां लापरवाही पर सख्ती दिखाई गई, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना भी की गई।


पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि नोएडा पुलिस में लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा, "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।