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उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: कॉलेजों में युवाओं का ब्रेनवॉश

उत्तर प्रदेश में एक संदिग्ध आतंकी हारिश की गिरफ्तारी ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह कॉलेजों में पढ़ रहे युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकवादी बनाने की कोशिश कर रहा था। एटीएस ने हारिश के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। जानिए इस मामले में और क्या खुलासा हुआ है।
 

संदिग्ध आतंकी हारिश की गिरफ्तारी से सामने आई सच्चाई


सहारनपुर के हारिश की गिरफ्तारी के बाद खुलासा


UP Crime News, मुरादाबाद : हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद में एक आतंकी मॉड्यूल के पकड़े जाने के बाद, उत्तर प्रदेश में भी एक समान नेटवर्क का पता चला है। इस गिरोह से मिली जानकारी ने पुलिस को चौंका दिया है। यह गिरोह न केवल देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहा था, बल्कि विभिन्न कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकवादी बनाने की कोशिश कर रहा था।


15 मार्च को हारिश की गिरफ्तारी

आतंकी हारिश केवल एक कॉलेज तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने मुरादाबाद और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई शिक्षण संस्थानों में अपना नेटवर्क स्थापित किया था। एटीएस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह छात्रों को अपने साथ जोड़ने के लिए आकाओं के निर्देश पर काम कर रहा था। सहारनपुर का निवासी हारिश मुरादाबाद के एक कॉलेज में बीडीएस की पढ़ाई कर रहा था।


वह कॉलेज के हॉस्टल में एक छात्र के साथ रह रहा था और अधिकतर समय अपने कमरे में मोबाइल और लैपटॉप पर व्यस्त रहता था। वह ऑनलाइन आईएस के संपर्क में आया था। एटीएस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया था और 15 मार्च को उसे लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया।


हारिश का नेटवर्क और उसकी गतिविधियाँ

गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने उसे लखनऊ ले जाकर पांच दिन की रिमांड पर लिया। पूछताछ में यह पता चला कि हारिश ने गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा के बड़े कॉलेजों में भी अपना नेटवर्क स्थापित किया था। वह छात्रों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रयासरत था और एक बड़ी फौज तैयार कर रहा था।


इसके अलावा, हारिश टेरर फंडिंग के लिए क्रिप्टो करेंसी का उपयोग कर रहा था। पिछले दो वर्षों में उसके और उसके करीबी लोगों के बैंक खातों में लाखों रुपये क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भेजे गए थे। एटीएस अब उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है।