उत्तर प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मिली मंजूरी
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इस निर्णय के बाद राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की कुल संख्या 56 हो जाएगी।
उपाध्याय ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि इन प्रस्तावों को 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम—2019' के तहत निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने संबंधित संस्थानों को 'आशय पत्र' और संचालन प्राधिकार पत्र जारी करने की अनुमति दी है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपाध्याय ने कहा कि जिन संस्थानों को मंजूरी दी गई है, उनमें एक कृषि-केंद्रित विश्वविद्यालय भी शामिल है, जिसे दिल्ली के 'स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट' द्वारा कानपुर नगर जिले के बिल्हौर तहसील के गदनपुर अहार गांव में 51.739 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा।
इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य राज्य में कृषि शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना है, और इसके लिए 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम' में संशोधन से संबंधित एक अध्यादेश लाया जाएगा।
दूसरा निजी विश्वविद्यालय गाजियाबाद की 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी' द्वारा स्थापित किया जाएगा, जो गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र के डासना गांव में 26.2656 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।
तीसरा विश्वविद्यालय फतेहपुर के 'एंग्लो संस्कृत कॉलेज' द्वारा फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। इस प्रकार, प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 56 हो जाएगी।