☰
×

उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या पर गृह मंत्री का बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी से नहीं मिले, उन्हें घुसपैठिया माना गया है। इस आंकड़े के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 85 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए हो सकते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। इस स्थिति पर चर्चा करते हुए, शाह ने यह भी बताया कि अन्य राज्यों में घुसपैठियों की संख्या इतनी अधिक नहीं है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

बांग्लादेशी घुसपैठियों का आंकड़ा


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, बांग्लादेशी घुसपैठियों की सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश में है, जबकि सामान्यतः यह पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में होनी चाहिए थी। गृह मंत्री ने बताया कि जो लोग मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी से नहीं मिले या निर्धारित पते पर उपस्थित नहीं हुए, उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया माना गया है। इस श्रेणी में लगभग तीन करोड़ लोगों की संख्या बताई जा रही है।


चुनाव आयोग चार श्रेणियों में मतदाताओं के नाम काट रहा है: एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लीकेट। गृह मंत्री और भाजपा के अन्य नेता एब्सेंट मतदाताओं को भी घुसपैठिया मानते हैं। उत्तर प्रदेश में इस श्रेणी में 84.73 लाख लोग शामिल हैं। यदि गृह मंत्री की बात मानें, तो उत्तर प्रदेश में 85 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।


यह ध्यान देने योग्य है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों से भाजपा की सरकार है, और योगी आदित्यनाथ ने राज्य में मुस्लिम माफिया का राज समाप्त करने का दावा किया है। फिर भी, उनके राज्य में 15 में से एक वयस्क बांग्लादेशी घुसपैठिया पाया गया है। वहीं, असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में मिलाकर भी घुसपैठियों की संख्या 50 लाख नहीं पहुंचती।