उत्तर प्रदेश में बिजली बिलों में वृद्धि: उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर
बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई चुनौतियाँ
बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अब अगस्त से अधिक राशि का भुगतान करना होगा। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिलों में 0.24% की वृद्धि की घोषणा की है। इस वृद्धि का मुख्य कारण ईंधन अधिगम शुल्क है।
बिजली बिलों में वृद्धि का कारण:
ईंधन की कीमतों में वृद्धि: यह वृद्धि कोयला और गैस जैसे ईंधनों की बढ़ती कीमतों के कारण हो रही है। जब इन ईंधनों की लागत बढ़ती है, तो कंपनियां उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूलती हैं।
सभी उपभोक्ताओं पर प्रभाव: यह नई वृद्धि केवल घरेलू उपभोक्ताओं पर ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी लागू होगी।
हर महीने वसूली की प्रक्रिया: उत्तर प्रदेश राज्य बिजली उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, यह निर्णय केंद्र सरकार के एक नियम के तहत लिया गया है। इस नियम के अनुसार, सभी राज्यों को हर महीने ईंधन अधिगम टैक्स वसूलने का निर्देश दिया गया था।
इस वृद्धि के बाद, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगस्त में यूपी बिजली विभाग इस टैक्स के रूप में 22.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली करेगा।
ईंधन अधिगम शुल्क की जानकारी:
ईंधन अधिगम शुल्क (Fuel Surcharge) वह टैक्स है, जिसे बिजली कंपनियां तब वसूलती हैं जब बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक ईंधनों की कीमतों में वृद्धि होती है। इस वर्ष कोयले की कीमतों में वृद्धि और बिजली उत्पादन की लागत में बढ़ोतरी के कारण यह टैक्स लगाया गया है।