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उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका, रामाश्रय कुशवाहा ने सपा जॉइन की

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले, बीजेपी के पूर्व मंत्री रामाश्रय कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी में शामिल होकर बीजेपी को बड़ा झटका दिया है। कुशवाहा ने अपने समर्थकों से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की है। इस घटनाक्रम को आगामी चुनावों के लिए सपा की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। जानें इस राजनीतिक बदलाव के पीछे की पूरी कहानी और अखिलेश यादव के बयान।
 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल


उत्तर प्रदेश की राजनीति: 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, उत्तर प्रदेश में दल-बदल की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इस संदर्भ में, बीजेपी के पूर्व नेता और छह बार मंत्री रह चुके प्रोफेसर रामाश्रय कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि कुशवाहा पहले भी सपा के सदस्य रह चुके हैं। उनके सपा में शामिल होने के अवसर पर विभिन्न दलों और संगठनों के कई सदस्यों ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।


सपा में वापसी के बाद, रामाश्रय कुशवाहा ने अपने भाषण में मुलायम सिंह यादव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आज भी ऐसा लगता है कि नेताजी उनके बीच मौजूद हैं। कुशवाहा ने अखिलेश यादव को भी मुलायम सिंह यादव के समान सम्मान और पद मिलने की बात कही। उनका कहना था कि जहां सम्मान मिलता है, वहीं व्यक्ति जुड़ा रहता है।


कुशवाहा ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता, तब तक वे घर नहीं बैठेंगे। उनके इस बयान को 2027 के चुनावों से पहले सपा की राजनीतिक रणनीतियों से जोड़ा जा रहा है।


रामाश्रय कुशवाहा की जॉइनिंग के दौरान आरएलडी, बीजेपी, निषाद पार्टी, बीएसपी, अपना दल और AIMIM जैसे विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों के सपा में शामिल होने की खबरें भी आई हैं।


इस बीच, अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर विश्वकर्मा जयंती की छुट्टी फिर से बहाल की जाएगी। इसके साथ ही, रिवर फ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा के भव्य और आधुनिक मंदिर के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की।


अखिलेश ने एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से संबंधित मुद्दों को उठाया। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर कभी मां गंगा बुलाएं, तो गंगा एक्सप्रेसवे से नहीं जाना चाहिए। यह खबर 2027 से पहले बीजेपी से सपा में नेताओं और समर्थकों के जुड़ने की घटनाओं और अखिलेश यादव के बयानों पर केंद्रित है।