उत्तर प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का विस्तार: नए अवसरों की शुरुआत
मेडिकल शिक्षा में नए अवसर
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना अब और भी साकार हो सकता है, क्योंकि योगी सरकार ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में कई नए अवसर प्रदान किए हैं। नीट यूजी-2026 की दूसरी काउंसलिंग 14 सितंबर से शुरू होने जा रही है। इस बीच, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के आंकड़े बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज थे और एमबीबीएस की 4,690 सीटें उपलब्ध थीं। अब, 20 अगस्त 2026 तक, मेडिकल कॉलेजों की संख्या 85 और एमबीबीएस सीटों की संख्या 13,600 तक पहुंच गई है। इस प्रकार, पिछले आठ वर्षों में 49 नए मेडिकल कॉलेज और 8,910 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों का विस्तार हुआ है। यह केवल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के अवसरों के बड़े विस्तार की कहानी है। 2012 में जहां 2,740 एमबीबीएस सीटें थीं, वहीं अब यह संख्या 13,600 हो गई है, जो लगभग पांच गुना वृद्धि दर्शाती है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों का योगदान
मेडिकल शिक्षा के विस्तार में सरकारी क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। 2017 में 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 45 हो गए हैं। सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1,990 से बढ़कर 5,350 हो गई है, जिससे 3,360 सीटों का इजाफा हुआ है। इससे युवाओं के लिए सरकारी मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों का दायरा पहले से कहीं अधिक विस्तृत हुआ है।
निजी क्षेत्र में भी वृद्धि
निजी क्षेत्र ने भी मेडिकल शिक्षा के विस्तार में योगदान दिया है। 2017 में 21 निजी मेडिकल कॉलेज थे, जो अब 40 हो गए हैं। निजी क्षेत्र में एमबीबीएस सीटों की संख्या 2,700 से बढ़कर 8,250 हो गई है, जिससे 5,550 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की बढ़ती क्षमता ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का दायरा व्यापक किया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का आधार मजबूत करना
डीजी मेडिकल एजुकेशन नेहा शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, नर्सिंग कॉलेजों और छात्रावासों जैसी परियोजनाओं के विकास से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की क्षमता बढ़ रही है।
डॉक्टरों की नई पीढ़ी के लिए आधार तैयार
उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों का यह विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है। 2017 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 49 और एमबीबीएस सीटों में 8,910 की वृद्धि हुई है। यह बढ़ती क्षमता आने वाले वर्षों में प्रदेश को डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आधार प्रदान करेगी।
मेडिकल शिक्षा का विस्तार: आंकड़ों में
श्रेणी, वर्ष 2017 में संख्या, 20 अगस्त की स्थिति
मेडिकल कॉलेज, 36, 85
राजकीय मेडिकल कॉलेज, 15, 45
निजी मेडिकल कॉलेज, 21, 40
कुल एमबीबीएस सीटें, 4,690, 13,600
राजकीय क्षेत्र की सीटें, 1,990, 5,350
निजी क्षेत्र की सीटें, 2,700, 8,250
नीट यूजी की दूसरी काउंसलिंग 14 सितंबर से
मेडिकल शिक्षा के बढ़ते अवसरों के बीच, उत्तर प्रदेश में नीट यूजी-2026 की द्वितीय चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग 14 सितंबर से शुरू होगी। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश के अनुसार, यह प्रक्रिया 25 सितंबर तक चलेगी। इस काउंसलिंग में ऑनलाइन पंजीकरण 14 सितंबर शाम पांच बजे से 17 सितंबर सुबह 11 बजे तक होगा। मेरिट सूची 17 सितंबर को जारी की जाएगी। च्वाइस फिलिंग 17 सितंबर शाम पांच बजे से 19 सितंबर शाम पांच बजे तक होगी, और सीट आवंटन परिणाम 21 सितंबर को घोषित किया जाएगा।