उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित, तापमान में गिरावट जारी
कड़ाके की ठंड का असर
नई दिल्ली: उत्तर भारत में ठंड ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, और अगले 24 घंटों में स्थिति और भी बिगड़ने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में तापमान में तेजी से गिरावट आई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत में शीतलहर और घने कोहरे का दौर जारी रहेगा।
दिल्ली में तापमान में गिरावट
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 12 जनवरी को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में गंभीर शीतलहर चलने की संभावना है। दिल्ली का न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। ठंड और कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ने की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली में 13 साल का रिकॉर्ड टूटा
दिल्ली में इस सर्दी का 13 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है। आयानगर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। पालम मौसम केंद्र में पिछले 13 वर्षों में सबसे कम 3.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ है। सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से काफी कम है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार की स्थिति
उत्तर प्रदेश और बिहार में घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में दृश्यता बेहद कम हो गई है। लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में दिनभर ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री तक और गिर सकता है।
पंजाब और हरियाणा में तापमान
पंजाब और हरियाणा में तापमान जमाव के करीब पहुंच गया है। पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हरियाणा के हिसार में तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भीषण ठंड बने रहने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। बर्फबारी और बर्फीली हवाओं के कारण ठंड और अधिक बढ़ गई है।