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उत्तर भारत में गर्मी का बढ़ता प्रकोप: अगले 5 दिनों में राहत की उम्मीद नहीं

उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, खासकर मैदानी इलाकों में। यूपी, दिल्ली, और अन्य राज्यों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों में तापमान में 4-6 डिग्री की वृद्धि की संभावना जताई है। बारिश की उम्मीद नहीं है, जिससे लू जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जानें अल नीनो का प्रभाव और आगामी मौसम की भविष्यवाणी के बारे में।
 

गर्मी का सितम उत्तर भारत में

उत्तर भारत, विशेषकर मैदानी क्षेत्रों में, गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, जिससे लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है। पिछले महीने की बारिश का दौर अब समाप्त हो चुका है और सूरज की गर्मी लगातार बढ़ रही है। हालांकि, पश्चिमी हवाओं के कारण कुछ राहत मिल रही है, लेकिन ये ठंडी हवाएं जल्द ही कमजोर हो जाएंगी। मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 5 दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है.


लू के थपेड़ों का खतरा

यदि गर्मी की यह रफ्तार जारी रही, तो यूपी और दिल्ली को लू के थपेड़े भी झेलने पड़ सकते हैं। एक दिन पहले, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड में कई स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के साथ आंधी आई।


यूपी में बारिश की उम्मीद नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली और यूपी के पूर्वी तथा पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं भी बारिश की उम्मीद नहीं है। आसमान साफ रहने के कारण धूप तेज होगी, जिससे दिन में चिलचिलाती गर्मी महसूस हो सकती है। आगामी 5 दिनों में यूपी में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है.


तापमान में वृद्धि

बारिश के अभाव में, दिल्ली और यूपी के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा सकता है। इससे गर्मी का प्रभाव और बढ़ेगा और लू जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। मौसम विभाग ने इस बार मानसून में कम बारिश की संभावना जताई है, जिसका कारण अल नीनो को बताया गया है.


अल नीनो का प्रभाव

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि इस वर्ष प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां समाप्त हो रही हैं और मौसम अल नीनो की ओर बढ़ रहा है। इसके चलते जून से सितंबर के बीच बारिश सामान्य से कम हो सकती है, जिससे इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं.