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उत्तर भारत में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, केदारनाथ यात्रा रोकी गई

उत्तर भारत में हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण हजारों श्रद्धालु फंसे हुए हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी बारिश से स्थिति गंभीर है, जहां कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। जानें इस संकट के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

भारी बारिश से उत्पन्न संकट

नई दिल्ली - उत्तर भारत में हो रही लगातार बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश, भूस्खलन और तेज हवाओं के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। कई क्षेत्रों में सड़कें बंद हैं, और नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है.


केदारनाथ यात्रा पर संकट

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण लगभग 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण मार्ग को खोलने में कठिनाई हो रही है। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से रविवार को केदारनाथ धाम की यात्रा को रोक दिया गया है। इसके साथ ही, केदारनाथ के लिए हेली सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.


उत्तराखंड में मौसम की स्थिति

उत्तराखंड के सभी जिलों में शनिवार से तेज बारिश का सिलसिला जारी है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट, जबकि बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है। कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के चलते लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.


हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज

हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी शिमला समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद बारिश हुई। कल्पा में 20.5 मिलीमीटर और शिमला में 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हुआ है, जिससे तापमान में गिरावट आई है.


उत्तर प्रदेश में बारिश का असर

उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत लगभग 45 शहरों में बारिश जारी है। कई इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है. राज्य के 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है.


विपत्ति के कारण जनहानि

आंधी और बारिश के कारण उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों में 60 लोगों की मौत होने की सूचना है। कई जिलों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गई हैं। तेज हवाओं के चलते हजारों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.