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उत्तर भारत में मॉनसून की दस्तक, गर्मी से मिलेगी राहत

उत्तर भारत में भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद है, क्योंकि मौसम विभाग ने बताया है कि मॉनसून अगले कुछ दिनों में केरल के तट पर पहुंचेगा। भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, खेती-किसानी के लिए बारिश की मात्रा सामान्य से कम रहने की संभावना है। जानें और क्या कहता है मौसम विभाग का ताजा अपडेट।
 

मॉनसून का आगमन

नई दिल्ली: उत्तर भारत के निवासियों को जल्द ही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि मॉनसून कब आएगा? मौसम विभाग (IMD) ने हाल ही में एक अपडेट में बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अगले तीन से चार दिनों में केरल के तट पर पहुंच जाएगा।


मॉनसून की स्थिति

पहले यह अनुमान था कि मॉनसून 26 मई को आ जाएगा, लेकिन चक्रवाती परिस्थितियों के कारण इसमें देरी हुई। अब मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन-चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल है। इसके साथ ही, यह पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में भी तेजी से बढ़ेगा।


उत्तर भारत में बारिश की संभावना

मॉनसून के मुख्य भूमि पर पहुंचने से पहले, उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में प्री-मॉनसून गतिविधियों के कारण तेज बारिश और आंधी का दौर शुरू होगा। उत्तर प्रदेश में आज भारी बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है, जबकि 1 जून को राज्यभर में व्यापक बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 1 से 4 जून तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। आज, 31 मई को, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पंजाब में अगले छह दिनों और राजस्थान में अगले सात दिनों तक आंधी-तूफान के साथ व्यापक बारिश की संभावना है।


कम बारिश की आशंका

हालांकि राहत की इस खबर के साथ, मौसम विभाग ने खेती-किसानी के लिए एक चिंताजनक अनुमान भी साझा किया है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने कहा कि इस साल पूर्वोत्तर क्षेत्र में सामान्य वर्षा होने की संभावना है, लेकिन अन्य हिस्सों में मॉनसून की बारिश सामान्य से कम रह सकती है। विशेष रूप से, वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। फिर भी, अगले कुछ दिनों में होने वाली भारी बारिश से उत्तर भारत के लोग गर्मी से राहत पा सकेंगे।