उत्तर भारत में मौसम में बदलाव की तैयारी, बारिश की संभावना
पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में परिवर्तन
नई दिल्ली : उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। यह परिवर्तन मानसून के कारण नहीं, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इसके आस-पास के क्षेत्रों में 21 जून तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। हालांकि, मानसून अभी दिल्ली तक नहीं पहुंचा है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और आस-पास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।
धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी
कई स्थानों पर हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में मौसम और अधिक उग्र रहने की संभावना है, जहां धूलभरी आंधी के साथ हवाओं की गति कुछ जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ दृश्यता में कमी आ सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के भीतर लगातार आगे बढ़ रहा है। इसकी उत्तरी सीमा अब महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। अगले चार दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के अधिक क्षेत्रों में मानसून जल्द पहुंच सकता है। यह प्रगति खरीफ फसलों की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मानसून के प्रभाव से उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले तीन-चार दिन आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इसको लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है।