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उत्तर भारत में मौसम में बदलाव: बारिश और तेज हवाओं की संभावना

उत्तर भारत में मौसम में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें अगले तीन दिनों के लिए बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। इस मौसम परिवर्तन से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान का खतरा भी है। जानें मौसम विभाग ने क्या कहा है और किन क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
 

मौसम में बदलाव की शुरुआत


अगले तीन दिन बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान


नई दिल्ली: मार्च की शुरुआत से उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया था, लेकिन आज से मौसम में बदलाव की उम्मीद है। एक नया पश्चिम विक्षोभ अब पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय हो चुका है।


इस बदलाव के कारण पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाएं, हल्की बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। यह मौसम परिवर्तन कुछ दिनों तक जारी रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान होने का भी खतरा है।


मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।


15 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में, 15 और 18 मार्च को हिमाचल प्रदेश में, 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में, और 16 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना है। रविवार के लिए कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट

सोमवार और बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। ताबो राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊना में दिन का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था।


मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में फिर से बारिश और बादलों की गतिविधि बढ़ सकती है।