उत्तर भारत में सर्दी का कहर: IMD की चेतावनी और मौसम का हाल
उत्तर भारत में सर्दी का असर
Aaj Ka Mausam: जनवरी की ठंड ने उत्तर भारत में लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 15 जनवरी को घने कोहरे, ठंडी लहर और ठिठुरन ने जनजीवन को प्रभावित किया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा में दृश्यता बहुत कम रही। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू होगी।
सर्दी की तीव्रता का कारण
IMD के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में पहाड़ी राज्यों जैसी ठंड महसूस की जा रही है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री नीचे चला गया है। कई शहरों में तापमान 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस स्थिति को कोल्ड वेव से गंभीर कोल्ड वेव की श्रेणी में रखा गया है, जिससे ठंड का असर अधिक महसूस हो रहा है।
दिल्ली-NCR में ठंड और कोहरे का प्रभाव
15 जनवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय घने कोहरे के कारण कई क्षेत्रों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। इसका सीधा असर हवाई, रेल और सड़क यातायात पर पड़ा। IMD के अनुसार, 16 जनवरी तक दिल्ली में कोल्ड वेव बनी रह सकती है। 17 से 18 जनवरी के बीच तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी, लेकिन 18-19 जनवरी को बारिश की संभावना है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में सर्दी की स्थिति
उत्तर प्रदेश और बिहार इस समय सर्दी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। पश्चिमी यूपी में घना कोहरा और पूर्वी यूपी व बिहार में भी घना कोहरा देखा गया। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी में न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच रहा। पटना और गया में भी तापमान 6 से 9 डिग्री तक सीमित रहा। दिन में तापमान कम रहने से कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।
IMD की नई चेतावनी
IMD ने चेतावनी दी है कि 15 जनवरी तक कई राज्यों में कोल्ड वेव और घने कोहरे का असर जारी रहेगा। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में सुबह घना कोहरा रहेगा। वहीं राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में कोल्ड वेव के साथ दृश्यता बेहद कम हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में कुछ क्षेत्रों में ठंड का असर दिखेगा। हिमाचल और उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव
16 जनवरी से एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत में प्रवेश करेगा। इसके कारण हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। इससे न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। हालांकि, नमी बढ़ने के कारण सुबह और रात के समय कोहरा जल्दी खत्म नहीं होगा। कुछ क्षेत्रों में ग्राउंड फ्रॉस्ट की आशंका भी जताई गई है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव और सावधानियां
इस भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचें और गर्म कपड़े पहनें। कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल जरूरी है। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और बारिश की संभावना को देखते हुए छाता और अतिरिक्त कपड़े साथ रखें। सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत का मौसम
जहां उत्तर भारत जनवरी की भीषण सर्दी और घने कोहरे से जूझ रहा है, वहीं देश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम पूरी तरह अलग है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में मौसम शुष्क बना हुआ है और तापमान सामान्य के आसपास है, जिससे जनजीवन सामान्य है। वहीं उत्तर-पूर्व भारत के अधिकांश क्षेत्रों में भी मौसम साफ रहने की संभावना है, हालांकि असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में सुबह के समय कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है। कुल मिलाकर IMD का कहना है कि उत्तर भारत में ठंड, कोहरा और बारिश की चुनौती बनी रहेगी, जबकि दक्षिण और उत्तर-पूर्व भारत को फिलहाल मौसम की मार से राहत मिलेगी।