उत्तर भारत में सर्दी का कहर: कब मिलेगी राहत?
सर्दी की तीव्रता बढ़ी
नई दिल्ली: उत्तर भारत में इस समय सर्दी ने अपने सबसे कड़े रूप में दस्तक दी है। पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि अगले कुछ दिनों में राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
शीतलहर का प्रकोप
आईएमडी के अनुसार, उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड और शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जबकि दिल्ली में इस सीजन का पहला न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
राज्यों में अलर्ट जारी
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में गंभीर शीतलहर और घने कोहरे के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार में घने कोहरे की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। विभाग का कहना है कि सुबह और रात के समय दृश्यता बहुत कम रह सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में ठंड का असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में ठंड अपने चरम पर है। सोमवार सुबह कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान लगभग तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। जनवरी 2023 के बाद यह सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। शीतलहर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने नर्सरी से कक्षा आठ तक के स्कूलों में 15 जनवरी तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं।
हरियाणा और पंजाब में ठंड
हरियाणा के गुरुग्राम और पंजाब के बठिंडा में इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। अमृतसर, फरीदकोट, गुरदासपुर और लुधियाना जैसे कई शहरों में तापमान एक से चार डिग्री के बीच रहा। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है।
राजस्थान में तापमान माइनस में
राजस्थान में सर्दी का प्रकोप और भी अधिक है। सीकर के फतेहपुर में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। राज्य के कई जिलों में अति शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है। हालात को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और स्कूल समय में बदलाव किया गया है।
कश्मीर में थोड़ी राहत
कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पारा अब भी शून्य से नीचे बना हुआ है। डल झील और अन्य जलाशयों के कुछ हिस्सों में बर्फ जम गई है। पुलवामा और पहलगाम जैसे क्षेत्रों में रातें अब भी बेहद ठंडी बनी हुई हैं।
पश्चिम बंगाल में असामान्य पाला
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में तापमान गिरने के बाद खेतों और खुले स्थानों पर पाला जम गया, जो इस क्षेत्र के लिए असामान्य माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह 'ग्राउंड फ्रॉस्ट' की स्थिति है, जो खास मौसमीय परिस्थितियों में बनती है।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि 14–15 जनवरी के बाद धीरे-धीरे ठंड से राहत मिल सकती है, लेकिन तब तक लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।