×

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026: लड़कियों ने हाईस्कूल और इंटर में किया शानदार प्रदर्शन

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम में लड़कियों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हाईस्कूल में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.07% और इंटरमीडिएट में 88.09% रहा। इस बार परीक्षा प्रक्रिया ऑनलाइन थी, जिससे छात्रों को सुविधा मिली। जानें और अधिक जानकारी इस लेख में।
 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा परिणाम

उत्तराखंड: बोर्ड द्वारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। हाईस्कूल का उत्तीर्ण प्रतिशत 92.10% रहा, जिसमें लड़कियों का प्रदर्शन 96.07% रहा, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.03% दर्ज किया गया। इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 85.11% रहा, जिसमें लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.09% और लड़कों का 81.93% रहा। मुख्यमंत्री धामी और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने सफल छात्रों को बधाई दी है और असफल छात्रों को मेहनत जारी रखने की सलाह दी है।


हाईस्कूल में टॉप करने वाले छात्रों में अक्षत गोपाल, एमपी हिंदू इंटर कॉलेज, रामनगर (नैनीताल) ने 500 में से 491 अंक (98.20%) प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। ईशान कोठारी (उत्तरकाशी) और भूमिका पांडे, जीआईसी खेरना (नैनीताल) ने 490 अंक (98%) के साथ संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया।


दिलचस्प बात यह है कि भूमिका पांडे ने लड़कियों की मेरिट सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। योगेश जोशी, मंडल-रामबाग (बागेश्वर) ने 489 अंक (97.80%) के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस साल हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में 1.33 प्रतिशत बेहतर रहा। बागेश्वर जनपद ने 96.98 प्रतिशत के साथ उत्तराखंड में पहला स्थान प्राप्त किया। कुल 1,08,983 छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें से 100373 पास हुए।


इंटरमीडिएट परीक्षा का कुल परिणाम 85.11% रहा, जिसमें लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.93% और लड़कियों का 88.09% रहा। सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतिका पंत और भंजूराम अमर इंटर कॉलेज भूरारानी, उधम सिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने 490/500 अंक (98.00%) प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान हासिल किया।


इस साल इंटरमीडिएट में 1,02,986 छात्रों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 1,00,452 ने परीक्षा दी और 85,499 पास हुए। नियमित परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 85.93% रहा, जबकि प्राइवेट परीक्षार्थियों का 61.48% रहा। इस साल का इंटर का परिणाम पिछले साल की तुलना में 1.88 प्रतिशत बेहतर रहा।



शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती ने परीक्षा परिणाम की घोषणा की। इस बार परीक्षा प्रक्रिया समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। पहली बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई, जिससे छात्रों को सुविधा मिली। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस साल हाईस्कूल में 1,12,266 और इंटरमीडिएट में 1,02,986 छात्रों ने परीक्षा दी, कुल मिलाकर 2,15,252 परीक्षार्थियों ने बोर्ड परीक्षा दी।


परीक्षा कार्यक्रम समय पर संपन्न हुआ। प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 जनवरी से 15 फरवरी के बीच हुईं, जबकि लिखित परीक्षाएं फरवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होकर 20 मार्च तक चलीं। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 1,261 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। छात्रों की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की गई, जिसमें सभी स्कूलों को अलग-अलग पोर्टल और पासवर्ड दिए गए हैं, जिससे छात्र अपने स्कूल में ही आसानी से रिजल्ट देख सकेंगे। इसके अलावा, बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी परिणाम उपलब्ध है।