उत्तराखंड में खेत बचाओ अभियान की शुरुआत, सीएम धामी ने 6 करोड़ रुपये की घोषणा की
खेत बचाओ अभियान का आगाज
उत्तराखंड: बदलते मौसम और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों ने देवभूमि की पारंपरिक कृषि को गंभीर संकट में डाल दिया है। इस चुनौती का सामना करने के लिए अल्मोड़ा के हवालबाग में एक भव्य राज्य स्तरीय 'खेत बचाओ अभियान' की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि मां के समान पूजनीय है। मुख्यमंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि वे रासायनिक खादों का उपयोग कम करें और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं।
कृषि में चुनौतियाँ और समाधान
पहाड़ी क्षेत्रों में खेती के लिए पलायन और मौसम के अलावा जंगली जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाना भी एक बड़ी समस्या है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत से तारबाड़ (चेन-लिंक फेंसिंग) लगाने की घोषणा की। इससे स्थानीय किसानों को बंदरों और सूअरों के आतंक से राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि वास्तविकता में काम करती है। यही कारण है कि उत्तराखंड किसानों की आय में वृद्धि के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
कृषि में नई नीतियाँ और प्रगति
किसानों से आग्रह है कि वे मिट्टी परीक्षण अवश्य कराएं, पानी का संतुलित उपयोग करें और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें।
इस अवसर पर माननीय कैबिनेट मंत्री श्री @ganeshjoshibjp जी, माननीय विधायक श्री @mohanmaharabjp जी, डॉ. प्रमोद नैनवाल जी,… pic.twitter.com/oJ5KpT7kko
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 6, 2026
राज्य सरकार ने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ नकदी फसलों के रूप में सुगंधित पौधों की खेती को भी बढ़ावा दिया है। वर्तमान में राज्य में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लेमनग्रास, डैमास्क रोज और थाइम जैसी फसलों का उत्पादन हो रहा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की नई नीतियों के तहत योजना की सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे बिचौलियों का प्रभाव समाप्त हो गया है।
कृषि क्षेत्र में रोजगार और सम्मान
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भले ही विकास के कारण खेती का क्षेत्रफल थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन नई तकनीकों और विशेष फोकस के कारण कृषि उत्पादों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। कार्यक्रम के अंत में, कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख चेहरे
इस भव्य आयोजन में कुमाऊं और गढ़वाल के कई प्रमुख नेता शामिल हुए, जिनमें रानीखेत के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, जागेश्वर के विधायक मोहन सिंह मेहरा, सल्ट के विधायक महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैडा, मेयर अजय वर्मा और कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे शामिल थे।