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उत्तराखंड में बालिका छात्रावासों की स्थापना और सीएम घोषणाओं का कार्यान्वयन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में की गई घोषणाओं को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने बालिका छात्रावासों की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की। जानें इस बैठक में उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों और योजनाओं के बारे में।
 

मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में की गई घोषणाओं को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। शनिवार को सचिवालय में उन्होंने यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा की।


बैठक के दौरान, सीएम धामी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विकासखंडों में बालिका छात्रावास खोले जाएं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने समय पर घोषणाओं को पूरा करने और उनकी प्रभावी निगरानी के लिए प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक (पीईआरटी) चार्ट तैयार करने का निर्देश दिया।


सीएम ने बिजली, पेयजल, वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर भी ध्यान देने की बात कही गई। विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।



सीएम ने यह भी सुनिश्चित किया कि जिन घोषणाओं के लिए शासनादेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 15 जून 2026 तक जारी किया जाए। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए।


उन्होंने कहा कि हर विकासखंड में बालिकाओं के लिए एक छात्रावास स्थापित किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि छात्राओं की संख्या वाले विद्यालयों को चिन्हित कर आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाए।


सीएम ने धार्मिक स्थलों जैसे रघुनाथ मंदिर, लक्ष्मण मंदिर और सीता माता मंदिर के विकास की बात भी की। विधायकों द्वारा केंद्रीय विद्यालय खोलने के प्रस्तावों पर शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।


युवाओं के लिए पौड़ी में मल्टीपरपज हॉल बनाने की योजना भी बनाई गई है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में उठाई गई समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए।


मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित रोपवे प्रकरणों की अलग से समीक्षा करने और सरकारी कार्यालयों में सोलर पैनल लगाने की बात भी कही गई।